सेना में अब महिलाएं भी संभाल सकेंगी सैन्य टुकड़ी की कमान
नीता कांडपाल
दी टॉप टेन न्यूज़ ब्यूरो (देहरादून )-आधी आबादी के लिए आज सोमवार को एक खुशखबरी सुप्रीम कोर्ट से आई है अब सेना में महिलाओं को स्थाई कमीशन मिलेगा आज अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को यह आदेश दिया कि 3 महीने के अंदर महिलाओं के लिए सेना में स्थाई कमीशन का गठन किया जाए और जो महिला अधिकारी स्थाई कमीशन की इच्छुक हैं उन्हें कमीशन दिया जाए साथ ही सेना में महिलाओं को कमांड पोस्ट दिए जाने पर भी अब कोई प्रतिबंध नहीं होगा।
17 साल लंबी कानूनी लड़ाई के बाद थल सेना में महिलाओं को बराबरी का हक मिलेगा केंद्र ने अपनी दलील में महिलाओं को कमांड पोस्ट ना देने के पीछे शारीरिक क्षमताओं और सामाजिक मानदंडों का हवाला दिया था इस पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि यह बेहद निराशाजनक है यह फैसला जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने सुनाया है।
अपने इस फैसले में कोर्ट ने कहा कि थल सेना में शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत आने वाली महिला अफसर अब स्थाई कमीशन की हकदार होंगी वही कॉम्बैट रोल यानी जंग के मैदान पर महिला अधिकारियों को शामिल करने या न करने का फैसला कोर्ट ने केंद्र सरकार और सेना पर छोड़ दिया है लेकिन कमांड पोस्ट पर महिला अफसरों पर रोक लगाना बेतुका और बराबरी के अधिकार के खिलाफ है अतः महिला अधिकारियों को कमांड पोस्ट सौंपी जानी चाहिए।
फैसले से खुश है राज्यमंत्री रेखा आर्य

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को लेकर के उत्तराखंड सरकार में राज्यमंत्री महिला कल्याण और बाल विकास रेखा आर्य ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने बहुत ही अच्छा निर्णय दिया है वह कोर्ट के इस फैसले से बहुत खुश हैं
भारत के संविधान ने अपने नागरिकों को समानता का जो अधिकार दिया है वह कोर्ट के फैसले से पूर्ण होता है महिलाओं ने सेना में स्थाई कमीशन प्राप्त करने के लिए और अपने अधिकारों के लिए एक लंबी लड़ाई लड़ी है और आज उनकी जीत हुई है कोर्ट के इस निर्णय से महिला अधिकारी अब सेना में कमांड पोस्ट पर आ पाएंगी और निर्णायक स्थिति में आकर एक बेहतर नेतृत्व सेना को प्रदान करेंगी ।आज वह इस फैसले पर सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद अदा करती हैं
