दी टॉप टेन न्यूज़
साइंस आउटरीच 2026 के लिए विज्ञान विषय के बच्चों और शिक्षकों के लिए विकसित विशिष्ट सत्रों में विज्ञान की अलग अलग विधाओं के वैज्ञानिकों द्वारा दिनांक 8 से 10 मई तक प्रायोगिक तौर पर शोध विधियों से परिचित कराते हुए अकादमिक विमर्श का माहौल तैयार किया।
तीन दिनों तक चले इस अनूठे कार्यक्रम में आईआईटी बॉम्बे के प्रोफेसर कंचन पांडेय ने एस्ट्रोनॉमी,
पंतनगर क़ृषि विश्वविद्यालय के प्रोफेसर बी डी लखचौरा तथा प्रोफेसर ए एस जीना द्वारा जैव विविधता व आनुवंशिकी,
जवाहरलाल नेहरू एडवांस साइंटिफिक रिसर्च सेंटर बंगलौर के
प्रोफेसर एन एस विद्याधिराज द्वारा सुपर कंडक्टिविटी, प्रोफेसर रजनी विश्वनाथ द्वारा प्रायोगिक रसायन, प्रोफेसर शिवा बासु ने व्यवहार विज्ञान, प्रोफेसर कुशाग्र बंसल ने न्यूरोसाइंस, प्रोफेसर जयश्री सनवाल भट्ट ने पृथ्वी विज्ञान/भूगर्भ विज्ञान की बारीकियों से गतिविधि आधारित चर्चा परिचर्चा से बच्चों का मार्गदर्शन किया। जहां एक तरफ
भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, मोहाली
के प्रोफेसर राजीव कापड़ी ने गुरूत्वाकर्षण के रहस्य प्रयोग द्वारा सुलझाए वहीं सेंट जोसफ विश्वविद्यालय बंगलुरू के डॉ आंचल सिंघल ने रसायन के मौलिक मूलभूत सिद्धांतों,
कुमाऊं विश्वविद्यालय के डा नरेंद्र सिंह ने गणित, एस एस जीना विश्वविद्यालय के डॉ बालम बिष्ट ने दैनिक जीवन में इस्तेमाल आने वाली चीजों की केमिस्ट्री तथा डा जे एन पंत ने निम्न पादपों के जीवन रहस्य से पर्दा उठाया।
निर्मल न्योलिया के मार्गदर्शन में स्मार्ट स्क्रीन के माध्यम से विद्यालय के बच्चों की इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में ऑनलाइन प्रतिभागिता सुनिश्चित की गई।
पिथौरागढ़ में जन्मे देश के सुप्रसिद्ध भूगर्भ विज्ञानी वैज्ञानिक खड्ग सिंह वल्दिया द्वारा संकल्पित साइंस आउटरीच कार्यक्रम 2010 से राजेंद्र सिंह विष्ट के प्रबंधन में हिमालयन ग्राम विकास समिति, गंगोलीहाट में आयोजित किया जा रहा है।
समापन सत्र में बेंगलुरु से रसायन विज्ञानी भारत रत्न प्रोफेसर सी एन आर राव, प्रोफेसर उदय रंगा, डॉ विनायक, डॉ अरुण ने बच्चों से ऑनलाइन जुड़कर व्याख्यानों के अनुभवों को जाना।
