पुलिस विभाग में महिला कमाण्डो का दस्ता तैयार करने वाला उत्तराखंड देश के चौथा राज्य बना
दी टॉप टेन न्यूज़ देहरादून
उत्तराखण्ड पुलिस के दस्ते में बुधवार को उत्तराखण्ड महिला कमाण्डो का दस्ता जुड़ गया है। उत्तराखण्ड देश का चौथा राज्य बन गया है, जहां पुलिस विभाग में महिला कमाण्डो का दस्ता तैयार किया है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को पुलिस लाईन देहरादनू में उत्तराखण्ड की महिला कमाण्डो फोर्स एवं स्मार्ट चीता पुलिस का शुभारम्भ किया। महिला पुलिस कार्मिकों के कमाण्डो एवं चीता पुलिस दस्ते के गठन से राज्य की महिलाओं में पुलिस के प्रति विश्वास एवं मनोबल बढ़ेगा तथा वह अपनी परेशानियों एवं कठिनाईयों को महिला पुलिस से साझा कर सकेंगी तथा महिला अपराधों को नियंत्रित किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस के दस्ते में आज उत्तराखण्ड महिला कमाण्डो का दस्ता जुड़ गया है। उत्तराखण्ड देश का चौथा राज्य बन गया है, जहां पुलिस विभाग में महिला कमाण्डो का दस्ता तैयार किया है। उन्होंने कहा कि महिला पुलिस कमाण्डो को बेहतर प्रशिक्षण दिया गया। कमाण्डो को प्रशिक्षण देने वाले शिफू शौर्य भारद्वाज का आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने मात्र एक आग्रह पर यह प्रशिक्षण दिया। यह प्रशिक्षण उनके द्वारा निःशुल्क दिया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा पुलिस लाईन देहरादून में स्मार्ट पुलिस बैरिक का भी उद्घाटन किया गया। साथ ही महिला कमांडो दस्ता द्वारा सुरक्षा से सम्बन्धित अनेक करतब दिखाये गये, स्मार्ट चीता पुलिस द्वारा नुक्कड-नाटक के जरिये अपने कार्यों एवं कार्यप्रणाली के सम्बन्ध में जागरुक किया गया।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक, उत्तराखंड ने कहा कि चमोली आपदा में शहीद हुए अपने 02 जवानों को मैं श्रद्धांजलि देता हूँ। उत्तराखण्ड एवं एस0डी0आर0एफ0 की टीम ने उत्कृष्ट कार्य किया है। एस0डी0आर0एफ0 की टीम 14 हजार फिट की ऊँचाई पर बनी झील पर भी सबसे पहले पहुँची व इसकी वस्तुस्थिति से अवगत कराया।
मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के निर्देशन में महिला कमाण्डो हमने तैयार किया है। उत्तराखण्ड में महिलाओं को सशक्त बनाने हेतु महिला दस्ते का गठन किया गया है। उत्तराखण्ड की महिलाएं अधिकतर कार्यक्षेत्र में अग्रणी हैं। कई बड़े सामाजिक अन्दोलनों को उन्होने नेतृत्व प्रदान किया। कई राष्ट्रविरोधी तत्वों द्वारा महिलाओं का गलत उपयोग इस कारण भी महिला कमाण्डो के रूप में महिलाओं की भागीदारी आवश्यक।


