उच्चतम शिक्षा के तमाम अवसरों से भरपूर डी यू
जयमाला देवलाल- पिथौरागढ़
दी टॉप टेन न्यूज़ –
बारहवीं कक्षा में पहुँचते – पहुँचते बच्चे तथा अभिभावक कैरियर को लेकर सचेत व भ्रमित होने लगते हैं। यदि बच्चा पढ़ने में अच्छा है तो और भी भ्रम की स्थिति सामने आ जाती है कि किस क्षेत्र में कैरियर का चयन हो ताकि कोई भूल न हो और बाद में पछताना न पड़े।
अधिकांश अभिभावक अपने प्रतिभाशाली बच्चों को मेडिकल और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भेजना चाहते हैं, और उसी के हिसाब से तैयारी करवाते हैं। कुछ सेना की तैयारी करते हैं, कुछ होटल मैनेजमेंट, मर्चेंट नेवी,बी. बी. ए आदि व्यावसायिक कोर्सों का चयन करते हैं।
किंतु वर्तमान में मेधावी बच्चों का रुझान उच्च शिक्षा की ओर बढ़ता जा रहा है। जिस कारण एक अच्छे कॉलेज में एडमिशन पाने की होड़ भी।
उच्च शिक्षा की चाह रखने वाले अधिकांश मेधावीयों को आकर्षित करता है दिल्ली विश्वविद्यालय (D. U.), जिसमें मेरिट के आधार पर प्रवेश मिलता है। मेरिट से आशय बारहवीं में प्राप्त अंक, जिसमें सर्वाधिक अंक प्राप्त चार विषयों के(बेस्ट फोर) अंक जोड़े जाते हैं। यदि यह जोड़ 90% से ऊपर आता है तो प्रवेश की संभावना दिखायी देती है। लगभग 77 कॉलेज, सैंकड़ों कोर्स, विश्विद्यालय का नाम और उज्ज्वल भविष्य की तलाश ले चलती है दिल्ली विश्वविद्यालय की ओर।
किंतु आवेदन करने से प्रवेश पाने की अवधि में कुछ जानकारियों का होना अत्यंत आवश्यक है जिससे बिना परेशानी व मानसिक तनाव झेले आसानी से प्रवेश पाया जा सकता है।
यूँ तो इंटरनेट में दिल्ली यूनिवर्सिटी की साइट पर तमाम जानकारियाँ प्राप्त हो जाती हैं, किंतु अनुभव से प्राप्त कुछ जानकारियाँ मैं साझा कर रही हूँ ताकि उन परेशानीयों से बचा जा सके जिनका मैं सामना बच्चों के एडमिशन के समय मैं कर चुकी हूँ।
अधिकांश उच्च मेरिट वाले छात्र / छात्राओं की पहली पसंद किसी भी विषय पर ‘ओनर्स’ होता है जिसमें अपनी रुचि के किसी एक विषय का चयन कर त्रिवर्षीय स्नातक (U. G) करना होता है। ऑनर्स के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय में सर्वाधिक लोकप्रिय विषय कॉमर्स और अर्थशास्त्र हैं। उसके बाद राजनीति शास्त्र, मनविज्ञान, इतिहास व अंग्रेजी हैं।
विज्ञान संकाय में तो सभी विषयों में ऑनर्स के लिए उच्च मेरिट अनिवार्य है।
ऑनर्स में प्रवेश न मिलने पर बच्चे बी एस सी व बी ए प्रोग्राम की ओर रुख करते हैं। यहाँ भी रुचि के अनुरूप अपार संभावनाएं हैं।
यदि बच्चों को मानविकी के विषयों या कॉमर्स में ऑनर्स करना है तो याद रखें 11वीं से ही इन विषयों का चयन कर लें क्योंकि विज्ञान वर्ग से बारहवीं करने पर स्ट्रीम बदलने पर 3 से 6 प्रतिशत अंकों का नुकसान हो सकता है।अत : यह फैसला 10 पास करके ही कर लेना चाहिए।
परीक्षा समाप्त होने के बाद जैसे ही रजिस्ट्रेशन प्रारंभ होने लगते हैं करवा लें और रिज़ल्ट आने के बाद अंक फीड करवा लें।
रिज़ल्ट आने के बाद ही प्रारंभ होती है प्रवेश प्रक्रिया, सभी कॉलेज सीटों के आधार पर मेरिट की कट ऑफ सूची जारी करते हैं। प्रथम लिस्ट को देखकर घबराने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि इसमें अधिकांश कालेजों की कट ऑफ 95 % तक ही बंद हो जाती है।
सबसे पहले उन कॉलेज की सीटें भरती हैं जिनमें हॉस्टल सुविधा होती है। या विभिन्न विषयों के लिए बेहतरीन माने जाते हैं। कॉमर्स व अर्थशास्त्र के लिए तो कुछ नामी कालेजों में 97%तक ही एडमिशन बंद हो जाते हैं।
कट ऑफ के दायरे में आने वाले बच्चे मनपसंद कॉलेज और विषय मिलने पर तीन दिन के भीतर ही प्रवेश ले लें, अन्यथा उन्हें दूसरी कट ऑफ निकलने पर प्रथम वरीयता नहीं मिलेगी।
इसके बाद बची हुई सीटों के लिये कॉलेज फिर दूसरी लिस्ट जारी करते हैँ जिनमें मेरिट 3 से 5 % तक नीचे आ जाती है। इसी प्रकार सीटों की उपलब्धता के आधार पर लिस्ट जारी होते रहती है अत: प्रवेश की संभावनाएं अंतिम कट ऑफ तक बनी रहती हैं,विश्विद्यालय विषय तथा कॉलेज बदलने की सुविधा भी देता है अत: हर एक कट ऑफ लिस्ट पर नजर बनाए रखें। इसके लिए हेल्प डेस्क से समस्त जानकारी जुटाने के उपरांत ही प्रवेश निरस्त एवं नवीन प्रवेश की प्रक्रिया को आरंभ करें, प्रत्येक कॉलेज के अपने नियम हैं उनसे अवश्य अवगत रहें। कुछ विषयों की प्रवेश परीक्षा का भी प्रावधान है।
हिंदी, संस्कृत तथा अन्य भाषाओं वाले विषयों में तो 50 प्रतिशत अंक तक वाले बच्चे भी प्रवेश पा जाते हैं।
प्रवेश हेतु जाने से पूर्व 10वीं व 12वीं के अंकपत्र, माइग्रेशन व प्रोविजनल सर्टिफिकेट अवश्यक साथ लेकर जाएं, आरक्षण हेतु आवश्यक प्रमाण पत्र व स्पोर्ट्स व पाठ्य सहगामी क्रियाकलापों के भी अंक मिलते हैं तो सभी प्रकार के प्रमाण पत्र, पासपोर्ट फोटो व आधार कार्ड आदि रखना सुनिश्चित करें। सात व आठ कक्षा की मार्कसीट भी रख लें क्योंकि कभी कभी वैकल्पिक रूप में भाषा के भी अतिरिक्त अंकों की व्यवस्था कुछ कालेजों में रहती है,जैसे – संस्कृत, उर्दू, पंजाबी आदि।
न्यूनतम शुल्क में उच्चतम शिक्षा के तमाम अवसरों से भरपूर डी यू में अध्ययन करने का सुअवसर प्राप्त कर छात्र व अभिभावक गौरवान्वित व निश्चिंत रहते हैं। शिक्षा के साथ साथ कला, संस्कृति, राजनीति लेखन, गायन व अभिनय आदि में भी दिल्ली यूनिवसिर्टी प्रसिद्ध है।
उच्च शिक्षा की ओर कदम बढ़ाते छात्र / छात्राओं का दिल्ली विश्वविद्यालय स्वागत को तत्पर है इसलिए पूरी तैयारी से जाइए व उच्च शिक्षा प्राप्त कर देश व दुनिया का गौरव बढ़ाईये।
