निर्मल गंगा स्वच्छ गंगा का सपना हो गया साकार


स्पर्श गंगा अभियान और कई अभियान जो काम ना कर सके वह लॉक डाउन  ने कर दिखाया

दी टॉप टेन न्यूज़ हरिद्वार कोविड-19 के संक्रमण और उससे बचाव के लिए पूरे देश में लगे लोग डाउन की वजह से जहां समस्त देशवासी अपने अपने घरों में कैद हैं सारे काम आज बंद है अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हो रहा है वही इस सब का फायदा भी मानव जाति को होगा और कहे तो हो रहा है।


जब सभी मनुष्य सिर्फ आराम कर रहे हैं इस बीच प्रकृति अपना काम पूरे मनोयोग से कर रही है।यहां गंगा नदी की बात की जा रही है आज हरिद्वार में बहने वाली गंगा नदी कितनी स्वच्छ और निर्मल हो गई है कि शीशे की तरह पारदर्शी नजर आ रही है। और यह काम कर दिखाया है मात्र कुछ दिनों के लॉक डाउन  ने।कई सालों से जो काम सरकारें करोड़ों रुपए खर्च कर नहीं कर पाई वह प्रकृति ने स्वयं ही कर दिखाया गंगा नदी को साफ करने की कोशिशों में कई सालों से सरकारी योजनाएं चल रही हैं फिर भी गंगा नदी कभी  इतनी स्वच्छ नहीं हो पाई।

इसलॉक डाउन के बीच ना तो मनुष्य की पतित पावनी गंगा में अशुद्धियां फैला पा रहे हैं और ना ही वह होटल और फैक्ट्रियां चालू है जो पिछले लंबे समय से अपना वेस्टेज गंगा में प्रवाहित कर देते हैं।मां गंगा यमुना और देश की सभी जीवनदायिनी नदियों के साथ-साथ वातावरण में प्रदूषण का स्तर भी बेहद कम हो गया है।हमारे पर्यावरण में हो रहे अद्भुत बदलाव को देखते हुए अब मनुष्य को स्वयं अपने लिए कार्यपद्धती  और कार्य सीमा निर्धारित करनी होगी आगे आने वाली पीढ़ियों को कुछ देने के लिए यदि हम अपने कार्य दिवस सिर्फ पांच रखें और शनिवार इतवार बार लॉक डाउन के लिए  रखते है तो भी हम धीरे धीरे अपने पर्यावरण के लिए काफी कुछ कर पाएंगे।