उत्तराखण्ड में पदोन्नति में लगी रोक हटाने को लेकर जरनल ओबीसी कर्मियों की हड़ताल जारी

12 मार्च से अति आवश्यक सेवा कर्मचारी भी शामिल होंगे हड़ताल में

दी टॉप टैन न्यूज़(देहरादून)- उत्तराखंड जरनल ओबीसी एम्पलाईज एसोसिएशन की पदोन्नति में लगी रोक हटाने व सीधी भर्ती में नवीन रोस्टर प्रणाली को यथावत रखने की मांग को लेकर अनिश्चित कालीन हड़ताल जारी है। अपनी मांगों के विरोध में जरनल ओबीसी कर्मचारी संगठन देहरादून से गैरसैंण तक अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद किये हुए है।
उत्तराखण्ड जरनल ओबीसी एम्प्लाइज एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक जोशी के अनुसार अपनी मांगों के संदर्भ में हुई एसोशिएशन की बैठक में आगामी 12 मार्च से प्रदेश के अति आवश्यक सेवा से जुड़े कर्मचारियों को भी हड़ताल में शामिल करने का फैसला लिए जानी की जानकारी दी है। इससे पहले 5 मार्च से ही प्रदेश की अति आवश्यक सेवाओ को भी बाधित करते हुए उन कर्मचारियों को हड़ताल में शामिल किया जाना था। लेकिन वर्तमान में कोरोना सहित अन्य बिंदुओं पर चर्चा करते हुए अब 12 मार्च से अति आवश्यक सेवाओ से जुड़े कर्मचारी भी अनिश्चित कालीन हड़ताल में शामिल हो जायेगे।

प्रदेश सरकार के नो वर्क नो पे के फरमान के बावजूद भी प्रदेश भर में उत्तराखण्ड जरनल ओबीसी एम्प्लाइज एसोशिएशन के बैनर तले कर्मचारी मुखर होकर प्रदेश में पदोन्नति में लगी रोक हटाने को लेकर आंदोलनरत है।सरकार की चेतावनी का भी कर्मचारियों की हड़ताल में फिलहाल कोई फर्क नही पड़ा है। अपनी अपने आंदोलन को धार देने के उद्देश्य से अति आवश्यक सेवा से जुड़े कर्मचारी को भी शामिल कर जरनल ओबीसी संगठन सरकार पर अपनी मांगों को लेकर दबाव बनाने की रणनीति में काम कर रहा है।

वही दूसरी तरफ उत्तराखण्ड जरनल ओबीसी एम्प्लाइज एसोसिएशन के आंदोलन को उत्तराखण्ड नर्सेज सर्विसेज एसोशिएसन,अराजपत्रित कर्मचारी संघ सहित कई प्रदेश स्तरीय कर्मचारी संगठनों का समर्थन लगातार मिल रहा है। वही विधायक गणेश जोशी व विधायक उमेश शर्मा, काऊ ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिख उत्तराखण्ड जरनल ओबीसी एम्प्लाइज एसोशिएशन की मांगों का समर्थन कर मुख्यमंत्री से जल्द प्रदेश में पदोन्नति से रोक हटाने की मांग की है। ताकि प्रदेश में लगातार  इस विषयक बड़ रहे असन्तोष को थामा जा सके। 

उत्तराखण्ड जरनल ओबीसी एम्प्लाइज एसोशिएशन के अध्यक्ष दीपक जोशी के अनुसार उनके संगठन का अनिश्चितकालीन आंदोलन तब तक समाप्त नही होगा जब तक सरकार माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के क्रम में राज्य में पदोन्नति में लगी रोक हटाने साथ ही सीधी भर्ती में लाघु नवीन रोस्टर प्रणाली को यथावत नही रखती है।आंदोलित कर्मचारी किसी भी हाल में अपनी मांगों के पूरा ना होने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल में बने रहेंगे।

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