बूढ़ी दिवाली पर छुट्टी का फर्जी शासनादेश सोशल मीडिया पर हुए जमकर वायरल

शासन को पत्र जारी कर फर्जी पत्र पर जारी करना पड़ा खंडन

दी टॉप टेन न्यूज(देहरादून)- उत्तराखंड में कार्तिक माह में दीपावली के 11 दिन बाद  इगास पर्व बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है जिसे बूढ़ी दिवाली के नाम से भी जाना जाता है। इगास पर्व इस बार 8 नवंबर को है इस पर्व पर सार्वजनिक अवकाश हेतु पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष उषा नेगी सहित सचिवालय कर्मचारी संघ पर्वतीय शिक्षक कर्मचारी संगठन और कुछ अन्य संगठनों द्वारा सार्वजनिक अवकाश की मांग की गई थी।

 इन सब बातों को दरकिनार करते हुए मुख्यमंत्री द्वारा कल कोई अवकाश घोषित नहीं किया गया।

उत्तराखंड वासियों का दबी जुबान में तो यही कहना था कि हम सब पर तो अकेले विधायक शुक्ला जी ही भारी रहे जिन्होंने मुख्यमंत्री से छठ पर्व पर उत्तराखंड में सार्वजनिक अवकाश घोषित करवा दिया।

लेकिन दूसरी तरफ सोशल मीडिया में शरारती तत्वों द्वारा शासन की ओर से बूढ़ी दीवाली(ईगास पर्व)छुट्टी का एक फर्जी पत्र जारी कर दिया गया। जो दिन भर सोशल मीडिया पर ट्रेंड करता रहा। इस पत्र की वजह से पूरे उत्तराखंड के सरकारी कर्मचारियों में इगास पर्व यानी बूढ़ी दीवाली पर छुट्टी को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही। जिस के संबंध में अनेकों व्यक्तियों व कर्मचारियों द्वारा शासन से जानकारी मांगी जा रही थी। वही वायरल फर्जी छुट्टी के पत्र का संज्ञान लेते हुए जंहा शासन द्वारा इस पत्र का खंडन किया गया है। वही अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की तरफ से एक विज्ञप्ति जारी कर  8 नवंबर को किसी तरह का अवकाश घोषित नहीं होने की जानकारी दी गई है।साथ ही फर्जी छुट्टी के पत्र पर शाशन की तरफ से एफआरआई भी दर्ज कराई जा रही है।

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