दी टॉप टेन न्यूज़ देहरादून
आज रविवार का दिन उत्तराखंड कांग्रेस के लिए बेहद दुखद खबर लेकर आया है, दिल्ली में उत्तराखंड सरकार में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री इंद्रा हृदयेश का हृदय गति रुकने से निधन हो गया और उनके पार्थिव शरीर को हल्द्वानी लाया जा रहा है इस खबर की पुष्टि उनके सुपुत्र सुमित हृदयेश ने की है इंदिरा हृदयेश दिल्ली में कांग्रेस की आलाकमान बैठक में प्रदेश में आगामी होने वाले चुनावों की रणनीति तैयार करने को आयोजित बैठक में भाग लेने गई थी और आज 80 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया कुछ दिन पूर्व ही वह कोरोना संक्रमण से ठीक हुई थी।
उत्तराखंड की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इंद्रा हृदयेश कांग्रेस की एक कद्दावर नेता मानी जाती थी, उनके निधन से जहां राजनीतिक जगत को भारी क्षति हुई है वही उनके विधानसभा क्षेत्र हल्द्वानी में शोक की लहर है।
पहली बार 1974 से 1980 तक उत्तर प्रदेश विधान परिषद की सदस्य रहने के बाद इंदिरा ह्रदयेश दूसरी बार 1986 से 1992 तक उत्तर प्रदेश में एमएलसी बनी, इसके बाद 1992 से 1998 तक तीसरी बार एमएलसी रही और चौथी बार 1998 से 2000 तक एमएलसी रहने के बाद उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड अलग हो गया जिसके बाद फिर वह उत्तराखंड सरकार में लीडर आफ अपोजिशन के पद पर रही।
उत्तराखंड में पहले विधानसभा चुनाव में 2002 से 2007 तक वह कैबिनेट मिनिस्टर रही, संसदीय कार्य व कई महत्वपूर्ण विभाग उनके पास रहे, उसके बाद 2012 से 2017 तक फिर वह हल्द्वानी से चुनी गई और इस बार भी भारी भरकम विभागों के साथ कैबिनेट मिनिस्टर बनी और 2017 में फिर से चुनाव जीतने के बाद वह उत्तराखंड कांग्रेस की नेता प्रतिपक्ष चुनी गई और आज 13 जून 2021 को उन्होंने अंतिम सांस ली।
इंद्रा हृदयेश के निधन पर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने शोक व्यक्त किया है उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि
इंद्रा हृदयेश के निधन पर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल कपकोट विधायक बलवंत सिंह भौर्याल ने शोक व्यक्त किया है।

