दीपक फुलेरा
हल्द्वानी – प्रदेश में निकाय चुनाव नामांकन समाप्त होने के साथ ही राजनीतिक दलों ने अपने अपने प्रत्याशियों के पक्ष में राजनीतिक बिसात बिछानी शुरू कर दी है।इस बार नैनीताल जिले की हल्द्वानी मेयर सीट पर भी पूरे प्रदेश की नजर होगी।क्योंकि कांग्रेस की क़द्दावर नेता डॉ इंदिरा ह्रदयेश के बेटे सुमित ह्रदयेश इस बार कांग्रेस के टिकट पर हल्द्वानी मेयर पद पर प्रत्यासी है। कुमाऊं की व्यवसायिक नगरी हल्द्वानी पर इस बार कांग्रेस व भाजपा में सीधी टक्कर के आसार नजर आ रहे है।नेता प्रतिपक्ष डॉ इंदिरा ह्रदयेश के बेटे सुमित ह्रदयेश के मेयर सीट पर कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ने से इस बार मुकाबला रोचक होने के पूरे आसार है। वर्ष 2013 में हल्द्वानी के नगर निगम गठन के बाद हुए पहले चुनाव में कांग्रेस को तीसरे स्थान पर सन्तोष करना पड़ा था। क्योंकि मुख्य मुकाबला भाजपा व सपा के बीच सिमट कर रह गया था। जिसमे मामूली अंतर से भाजपा के डॉ जोगेंद्र रौतेला ने सपा उम्मीदवार अब्दुल मतीन सिद्दिकी को हरा हल्द्वानी मेयर सीट पर कब्जा किया था।
लेकिन इस बार हल्द्वानी मेयर सीट पर राजनीतिक तस्वीर बदली है। इस बार परिसीमन के बाद जंहा हल्द्वानी नगर निगम में 24 की जगह 60 वार्ड हो गए है। वही पिछली बार मेयर चुनाव में चुनाव को रोचक बनाने वाले सपा प्रत्यासी अब्दुल मतीन सिद्दिकी इस बार कांग्रेस का दामन थाम कांग्रेस के पाले में खड़े है।वही ग्रामीण क्षेत्रो के नगर निगम में शामिल होने से भी चुनावी समीकरण इस बार पूरी तरह बदल गए है।भाजपा ने इस बार भी डॉ जोगेंद्र रौतेला पर दांव खेला है। तो वही दो निर्दलीय सहित कुल नौ प्रत्यासी नामांकन के बाद हल्द्वानी नगर निगम के मेयर पद को लेकर चुनावी मैदान में है।जिसमे वर्तमान रणनीतिक हालातो को देखते हुए मुख्य मुकाबला कांग्रेस के सुमित ह्रदयेश व भाजपा के डॉ जोगेंद्र रौतेला के बीच सिमटता दिख रहा है।
वही कांग्रेस मेयर प्रत्यासी हल्द्वानी के पूर्व मंडी समिति अध्यक्ष सुमित ह्रदयेश जंहा तेज तर्रार युवा कांग्रेसी नेता माने जाते है। तो वही चार दशक से भी अधिक का राजनीतिक अनुभव रखने वाली कांग्रेस की कद्दावर नेता डॉ इंदिरा ह्रदयेश उनकी चुनावी रणनीतिकार है। डॉ इंदिरा ह्रदयेश प्रदेश कांग्रेस की भी कुशल रणनीतिकार मानी जाती है। इसलिए हल्द्वानी मेयर सीट पर बेटे को जिताना भी उनकी साख के साथ जुड़ा हुआ है।मोदी लहर में भी जंहा इंदिरा ने अपने कुशल राजनीतिक अनुभव से अपनी सीट जीत कर अपना रुतबा कायम रखा था। तो वही अब डॉ इंदिरा ह्रदयेश के बेटे सुमित के कांग्रेस से मेयर प्रत्यासी होने के बाद भाजपा के रणनीतिकारो को हल्द्वानी मेयर सीट पर अपना कब्जा कायम रखने को माथापच्ची करनी पड़ रही है।हल्द्वानी मेयर सीट सुमित की नैया पार लगाने के लिए इंद्रा ह्रदयेश जंहा अपना पूरा राजनीतिक अनुभव उड़ेल देंगी वही उनकी कुशल चुनावी रणनीति भाजपा रणनीति कारो को भी निश्चित तौर पर चुनोती देगी।हालांकि अभी नामांकन के बाद चुनावी प्रचार अपने शुरुआती दौर से आगे बढ़ परवान चढ़ेगा लेकिन इस बार हल्द्वानी मेयर सीट पर मुकाबला इंदिरा ह्रदयेश की व्यक्तिगत प्रतिष्ठा के साथ भाजपा के लिए भी चुनोती के रूप में लड़ा जाने वाला है।हालांकि कांग्रेस भाजपा के अलावा हल्द्वानी नगर निगम मेयर सीट पर सपा, बसपा,यूकेडी,आप व निर्दलीय प्रत्यासी मैदान में है। लेकिन जैसे जैसे चुनाव अपने चर्मोउत्कर्ष पर पहुँचेगा मुकाबला कांग्रेस व भाजपा के मध्य ही होने के पूरे आसार है। वही अब देखना होगा कि डॉ इंदिरा ह्रदयेश किस प्रकार अपने विराट राजनीतिक अनुभव,चुनाव लड़ने की कुशल रणनीति के बल पर अपने बेटे सुमित ह्रदयेश को हल्द्वानी मेयर सीट पर स्थापित कर पाती है व भाजपा किस प्रकार डॉ ह्रदयेश के राजनीतिक कौशल का तोड़ ढूंढ पाती है।फिलहाल हॉट सीट बन चुकी कुमाऊं की हल्द्वानी मेयर सीट पर कांग्रेस भाजपा हाईकमान के साथ प्रदेश की जनता की निगाह रहेगी।कि निकाय चुनाव में मतदान के बाद आखिरकार ऊंट किस करवट बैठता है।
