दी टॉप टेन न्यूज़/ देहरादून
कोटद्वार : कौड़िया से होते हुए वन विभाग तिलबाढांग विश्राम गृह के समीप तक निकलने वाले बाइपास मार्ग पर करीब पांच सौ करोड़ रुपये की धनराशि खर्च होगी। छ: किलोमीटर लंबे इस बाईपास का अधिकांश हिस्सा ऐलीवेटेड होगा। मार्ग बनने से शहर के बीच वाहनों का दबाव कम हो जाएगा। साथ ही जनता को बेहतर सुविधा भी मिलेगी। बाईपास मार्ग निर्माण के दौरान खोह नदी पर पुल का निर्माण भी किया जाएगा।
कोटद्वार नगर में राष्ट्रीय राजमार्ग वर्तमान में नगर के मध्य से गुजर रहा है। अतिक्रमण के चलते राजमार्ग काफी संकरा हो गया है। इस कारण राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने राजमार्ग को नगर के बाहर से निकालने की योजना बनाई। इसके लिए कौड़िया से सनेह क्षेत्र होते हुए राजमार्ग को सिद्धबली मंदिर से पहले मौजूदा राजमार्ग से जोड़ा जाना है। कौड़िया से राष्ट्रीय राजमार्ग काशीरामपुर तल्ला, नाथूपुर, विशनपुर, जीतपुर, रतनपुर, ग्रास्टनगंज, कोटद्वार गांव होते हुए वन विभाग के तिलवाढांग वन विश्राम गृह के समीप से मौजूदा सड़क पर जाकर मिलेगा। राष्ट्रीय राजमार्ग के बाईपास निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही जोरों पर है। साथ ही विभाग ने राजस्व भूमि पर पेड़ कटान का कार्य भी शुरू कर दिया है। बाईपास राजमार्ग निर्माण के दौरान विभिन्न प्रजातियों के 98 पेड़ काटे जाने हैं, जिनके कटान की अनुमति राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग पूर्व में ही ले चुका है। वर्तमान में तिलवाढांग वन विश्राम गृह के समीप पेड़ों का कटान किया जा रहा है।
हाईवे पर लग रहा जाम
वर्तमान में वन विभाग कार्यालय के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग पर पेड़ कटान का कार्य चल रहा है। जिसके कारण जाम की स्थिति बन रही है। बाईपास निर्माण के लिए लगातार पेड़ों का कटान हो रहा है। हालांकि व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए मौके पर वन कर्मियों की तैनाती भी की गई है। इसके लिए जनता से भी सहयोग की अपील की जा रही है।
