भारत नेपाल के बीच हुई महत्वपूर्ण इंडो नेपाल बोडर्स सर्वे मीटिंग


नेपाल के साथ उत्तराखण्ड व यूपी के चार जिलों के अधिकारी हुए बैठक में शामिल

नीता कांडपाल-
दी टॉप टेन न्यूज़(बनबसा)-
भारत व नेपाल के बीच दोनों देशों के सीमांकन पिलर्स का सर्वे करने को लेकर बनबसा एनएचपीसी सभागार में बैठक का आयोजन हुआ। बैठक में मित्र देश नेपाल के अधिकारियों के अलावा उत्तराखण्ड के चम्पावत,उधम सिंह नगर व यूपी के पीलीभीत व लखीमपुरखीरी के प्रशासनिक अधिकारियों ने शिरकत की। साथ ही कई महत्वपूर्व विषय पर दोनों देशों के मध्य सहमति बनी है…
नेपाल व भारत की सीमाओं का निर्धारण करने वाले कई सीमांकन पिलरों के गायब होने के बाद दोनों देशों द्वारा इन पिलरों को एक बार फिर से स्थापित करने की कवायत की जा रही है। इसी कवायत को अमली जामा पहनाने को लेकर उत्तराखण्ड के बनबसा बॉर्डर पर भारत व नेपाल के अधिकारियों के बीच सर्वे बैठक का आयोजन हुआ है। इस बैठक में जंहा नेपाल के कंचनपुर व कैलाली जनपद के जिलाधिकारियों सहित अन्य अधिकारियों ने शिरकत की वही भारत से चंपावत जिले के जिलाधिकारी, एसपी सहित उधम सिंह नगर जिले के अधिकारी इस बैठक में पहुँचे। वही यूपी की नेपाल सीमा से लगें जिले पीलीभीत व लखीमपुर खीरी के प्रशासनिक अधिकारी भी इस महत्वपूर्व बैठक में शिरकत करने बनबसा पहुँचे।
भारत नेपाल के मध्य सीमांकन पिलर सर्वे को लेकर हुई बैठक में सर्वे ऑफ नेपाल व सर्वे ऑफ इंडिया के संयुक्त सर्वे पर जहां आपस में सहमति है। वहीं इंडो नेपाल बॉर्डर में दोनों देशों की सर्वे टीम को किसी भी प्रकार की परेशानियों का सामना ना करना पड़े इसके लिए दोनों देशों के अधिकारियों ने सर्वे के दौरान अपने अपने क्षेत्र से सर्वे टीम की परेशानियो को दूर करने पर हामी भरी।


 उत्तराखण्ड में जल्द ही 700 से 811 संख्या बॉर्डर पिलर का सर्वे कार्य शुरू किया जाएगा। साथ दोनों देशों के मध्य चार माह बाद पुनः इस विषय को आगे बढ़ाने को लेकर बैठक का आयोजन होगा। वही इसके अलावा दोनों देशों के अधिकारियो के बीच मे बोडर्स सम्बंधित अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई।हम आपको बता दे कि उत्तराखण्ड राज्य के नेपाल देश से लगे पिथौरागढ़,चम्पावत व उधम सिंह नगर जिले की कुल 180 किलोमीटर की सीमा है। जिसमे पर्वतीय इलाकों में जंहा दोनों देशों के मध्य बहने वाली नदियों से दोनों देशों की सीमाएं निर्धारित होती है। वही मैदानी इलाकों में सीमांकन पिलर्स दोनों देशों की सीमाएं तय करते है। वही लंबे समय से भारत नेपाल सीमा के कई सीमांकन पिलर क्षतिग्रस्त व गायब हो जाने पर अब दोनों देशों की सरकार इन पिलर्स को पुनः स्थापित करने की कवायत में जुटी है। इसी उद्देश्य को लेकर आज दोनों देशों के मध्य बनबसा बोडर्स में इंडो नेपाल सर्वे मीटिंग का आयोजन किया गया।


इस बैठक में चंपावत जिलाधिकारी सुरेन्द्र नारायण पांडे, एसपी लोकेश्वर सिंह, नेपाल कंचनपुर सीडीओ सुशील वैध, कैलाली सीडीओ योगराज बोहरा, एसडीएम टनकपुर दयानंद सरस्वती, सीओ टनकपुर विपिन चन्द्र पंत,एसडीओ शारदा टनकपुर राजेश श्रीवास्तव,एसडीओ खटीमा उपवन प्रभाग बाबू लाल,सूचना अधिकारी चम्पावत एनएस बिष्ट सहित यूपी व उत्तराखण्ड के सीमान्त जिलों के दर्जनों अधिकारी मौजूद रहे।