बुजुर्ग महिला के लिए तहसीलदार बने देवदूत,दिया सहारा


25 सालों से बिना सरकारी सुविधाओं के अकेले गरीबी में जीवन यापन कर रही थी बुजुर्ग महिला


दी टॉप टेन न्यूज़(सितारगंज)- संसार मे मानवता सबसे बड़ा धर्म होता है।उसे प्रदर्शित करने के लिए आपके पास एक विशाल ह्रदय की जरूरत होती है। ओर ऐसे ही दिल को अपने अंदर समाहित किये हुए सितारगंज के तहसीलदार जगमोहन त्रिपाठी एक बुजुर्ग महिला का सहारा बने है। 
दरसअल 25 सालों से सितारगंज शहर के बीचो बीच बिना राशन कार्ड – बिना बिजली के गरीबी की हालत में रह रही एक बुजुर्ग महिला को क्षेत्र भृमण के दौरान तहसीलदार सितारगंज जगमोहन त्रिपाठी ने देवदूत बनकर सहारा देने का काम किया है।तहसीलदार ने कपड़े,बिस्तर राशन सहित अन्य जरूर सामान बुजुर्ग महिला को जहां उपलब्ध कराया है।वही विधुतीकरण,राशन कार्ड सहित अन्य सरकारी सुविधाओं को तुरंत उपलब्ध कराने के लिए विभागीय अधिकारियों को भी तहसीलदार ने निर्देश दिए है।
अपने क्षेत्र में भृमण के दौरान तहसीलदार महोदय की नजर सितारगंज के वार्ड नम्बर 10 में रहने वाली बुजुर्ग महिला देवकी देवी पर पड़ी थी। जो कि ठंड के मौसम में ना तो अच्छे कपड़े पहने हुए ही वही उसकी हालत भी काफी दयनीय दिख रही थी। तहसीलदार त्रिपाठी ने जब उस महिला के जर्जर घर पर जाकर देखा तो ना तो घर पर राशन था ना बिजली ना सही बिस्तर था ।घर पर अकेली रह रही बुजुर्ग महिला देवकी देवी के दयनीय हालत देख तहसीलदार त्रिपाठी का ह्रदय भी दुखी हो उठा।
उन्होंने तुरंत बाजार से बुजुर्ग महिला के लिए जंहा कपड़े,बिस्तर ,अनाज,बर्तन सहित अन्य सभी जरूरी सामान मंगाया।साथ ही विभागीय अधिकारी को महिला को बिजली,राशन कार्ड सहित सभी सरकार से मिलने वाली सुविधाओं को तुरन्त मुहैया कराने के भी निर्देश दिए।तहसीलदार जगमोहन त्रिपाठी ने बताया देवकी देवी नाम कि यह महिला जंहा चम्पावत जिले की निवासी है। वही अपने पति की मौत के बाद 20 से 25 सालों से अकेले सितारगंज के वार्ड नम्बर 10 में रह रही थी।
अकेले रह रही बुजुर्ग महिला की दयनीय हालत को देखते हुए उनके द्वारा उसे राशन पानी कपड़े,बिस्तर, बर्तन सहित अन्य सभी सरकारी सुविधाएं मुहैया कराई गई है। वही तहसीलदार जगमोहन त्रिपाठी ने अपने अधिनस्तो को तहसील क्षेत्र में रहने वाले इस तरह के बुजुर्गों को हर सम्भव सहायता पहुँचाने के भी निर्देश दिए है।तहसीलदार जगमोहन त्रिपाठी ने जिस तरह अपने कर्तव्यों के अलावा अपने मानवीय मूल्यों को प्रदर्शित करते हुए एक बुजुर्ग महिला को सहारा दिया है। उसकी सितारगंज क्षेत्र की जनता भी सराहना कर रही है।