श्रम कानूनों का कौन कराएगा पालन मेरे सरकार
दीपक फुलेरा
उधम सिंह नगर- देवभूमि उत्तराखंड में सिडकुल क्षेत्रो से लगातार कारखाने देवभूमि छोड़ पलायन कर रहे है।जिससे उत्तराखण्ड के सेकड़ो मजदूर बेरोजगार हो चुके है। लेकिन मौजूदा सरकार इस मामले में जरा भी संवेदनशील नही दिखाई दे रही है।सितारगंज के सिडकुल क्षेत्र से भी बीती 29 जुलाई को एमकोर फेलकसिबेल इंडिया प्राइवेट लिमिडेट कारखाने ने रातो रात अपने कारखाने में ताले जड़ सेकड़ो मजदूरों को सड़क पर ला दिया है। तभी से एमकोर कम्पनी के श्रमिक कारखाने के गेट पर लगातार 25 दिन से धरने पर बैठ सरकार से न्याय की मांग कर रहे है लेकिन सरेआम श्रम कानूनों का उलंघन कर उत्तराखण्ड छोड़ भागने वाले इन उधोगो पर कार्यवाही कर सड़को पर आ चुके सैकड़ो मजदूरों को न्याय दिलवाने को शासन प्रशासन तनिक भी संजीदा नजर नही आ रहा है।
हम आपको बता दे कि उधम सिंह नगर जिले के सितारगंज सिडकुल क्षेत्र में स्थापित एमकोर कम्पनी प्रबंधन ने खुद को घाटे में बताकर अचानक 29 जुलाई को कंपनी गेट में ताले जड़ उत्तराखंड से अपने कारोबार को समेट लिया।कारखाना प्रबंधन ने कम्पनी में काम करने वाले सेकड़ो मजदूरों को भी कम्पनी के फैसले को लेकर विश्वास में नही लिया।29 जुलाई से एमकोर कंपनी के खिलाफ फैक्ट्री में कार्यरत सेकड़ो श्रमिको का लगातार 25 दिन से धरना प्रदर्शन कर रहे है।
हालांकि इस दौरान बेरोजगार हो चुके सेकड़ो मजदूरों की आवाज को समर्थन देने स्थानीय विधायको,सामाजिक संगठनों ने धरना स्थल पर पहुँच मजदूरों को समर्थन देने को औपचारिकताओं को जरूर पूरा किया। लेकिन इन मजदूरों की आवाज को सरकार तक पहुँचा इन्हें न्याय दिलाने की किसी भी जनप्रतिनिधि ने अभी तक जहमत नही उठाई है। जबकि पिछले पच्चीस दिनों से फेक्ट्री गेट पर धूप,बरसात में अपनी मांग को लेकर श्रमिक आंदोलन में डटे हुए है। वही एक तरह जंहा सिडकुल क्षेत्र में खुलेआम श्रम कानूनों का उलंघन हो रहा है वही श्रम अधिकारी हाथ मे हाथ धरे बैठे है।प्रशासन जंहा खामोश है वही सरकार सब कुछ देखते हुए भी कुम्भकर्णी नींद में सोई हुई है। अब बड़ा सवाल यही उठता है कि प्रदेश में कम्पनी के तुगलगी फरमान के खिलाफ पिछले 25 दिनों से आंदोलनरत इन श्रमिको की आवाज को आखिर सुनेगा कौन।
