खटीमा में सरकार की टेक होम राशन योजना भ्रष्टाचार हुआ उजागर
खटीमा- सरकार द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से गरीब बच्चो व गर्भवती महिलाओं को भले ही पौष्टिक आहार को वितरित कर बच्चो को कुपोषण से बचाने के प्रयास किये जा रहे हो। लेकिन सरकार द्वारा शुरू की गई टेक होम राशन योजना में आये दिन भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे है। ताजा मामला उधम सिंह नगर जनपद की खटीमा तहसील क्षेत्र में सामने आया है। जंहा पर आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से गरीब बच्चो व धात्री को बंटने वाला पुष्टाहार बेहद घटिया उसकी मात्रा भी कम पाई गई है। स्थानीय प्रशासन के पास इस मामले के सामने आने के बाद इस पर जांच शुरू कर दी गई है।
पूरे प्रकरण के अनुसार यह मामला तब सामने आया जब एक लाभार्थी कमल सिंह उपरारी ने स्वयं व अपने गांव मजराफार्म में आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बंट रहे पुष्टाहार में इस गड़बड़ी को पकड़ा। सरकार के टेक होम राशन में फैले इस भ्रष्टाचार को कमल द्वारा खटीमा के तहसीलदार के समक्ष उठाया गया है। तहसीलदार यूसुफ अली ने अपनी जांच में पाया कि आंगनबाड़ी द्वारा बांटे गए पुष्टाहार में जंहा कई सामानों में मात्रा कम है। वही बांटे गए सामान की गुणवत्ता भी काफी निम्म है।आंगनबाड़ी केन्द्रों में बांटे जा रहे टीएचआर सामग्री में दलिया एक किलो की जगह मात्र 650 ग्राम, वही आयोडीन नमक की जगह टाटा के स्थान पर घटिया टावा नमक,निम्न किस्म का सत्तू,दलिया,बड़ी व दाल बांटी जा रही है। तहसीलदार द्वारा इस पूरे मामले में सम्बंधित बाल विकास विभाग को जांच कर कार्यवाही के निदेश दे दिए गए है।वही सीमान्त क्षेत्र में मासूमो व गर्भवती महिलाओं को बंटने वाले पुष्टाहार में इस तरह के भ्रष्टाचार को गम्भीर बताते हुए कार्यवाही की बात कही है।
सीमान्त तहसील खटीमा में लम्बे समय से आंगनबाड़ी केंद्रों में सरकार द्वारा बंटने वाले पुष्टाहार में भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आती रही है। लेकिन इसके बावजूद भी शाशन प्रशासन इस मामले में मूक दर्शक बना हुआ है। जबकि खटीमा तहसील क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों में कुछ चयनित दुकानों से ही पुष्टाहार की सप्लाई होती है। जिसमे कमीशनखोरी व अन्य मुनाफो के चलते विभागीय अधिकारी व कर्मचारी सरकार की टेक होम राशन योजना को पलीता लगाने में लगे हुए है।
