भारतीय विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान हवालबाग में “पर्वतीय कृषि से संबंधित पादप कीट रोग पर राष्ट्रीय कार्यशाला” का हुआ आयोजन

दी टॉप टेन न्यूज़ देहरादून

अल्मोड़ा- भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान हवालबाग अल्मोड़ा में “पर्वतीय कृषि से संबंधित पादप कीट रोग व पहचान” पर 10दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की गई है। कार्यशाला डीएसटी विज्ञान और इंजीनियरिंग अनुसंधान बोर्ड (एसई आरबी) नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित की गई है।
कार्यशाला में हिमाचलप्रदेश, जम्मूकाश्मीर, उड़ीसा, कर्नाटक, तेलंगाना, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान के 20 कृषि विज्ञान शोधार्थी प्रतिभाग कर रहे हैं।

कार्यशाला के आयोजक डॉ आशीष कुमार सिंह बैज्ञानिक विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान अल्मोड़ा, व वैज्ञानिक गौरव वर्मा शिक्षा सहायक कृषि से दक्षता विकसित करने हेतु पादप कीट के निदान पर प्रोयोगात्मक जानकारी दी जा रही है। और बदलते जलवायु परिवर्तन के कारण कृषि में पौधों की बिमारी के बारे में विशेष जानकारी दी गई। संस्थान के वैज्ञानिकों द्वारा गेहूं को रतुवा रोग से बचाने की जानकारी भी दी जा रही है।

कार्यशाला के आयोजक डॉ आशीष कुमार ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्रों में पादप नाशी जीव की किस तरह से पहचान की जाय व उसका निदानकैसे किया जा सके जानकारी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में खाद्य सुरक्षा बहुत बड़ी चुनौती है, बदलते जलवायु परिवर्तन में नई तकनीक विकसित विकसित कर जानकारी कृषि शोधार्थियों को देनी आवश्यक है।
कार्यशाला में हिमांचल से आई शोधार्थी मनीषा चौधरी, उत्तराखंड के अंशुमन सेमवाल, बांदा कृषि विश्व विद्यालय से आए ऋषि नाथ पांडे, महाराष्ट्र के विशाल वोडके, शोध छात्रा कोमल हैदराबाद तेलंगाना, पारुल चौहान वनस्थली विद्यापीठ राजस्थान ने बताया कि कार्यशाला में कीट द्वारा फसलों को नुकसान से बचाने, जैव विविधता के बारे में सैंपल सहित प्रयोगसाला के माध्यम से जानकारी दी जा रही है। और कृषि के नए सॉफ्ट वेयर के बारे में भी जानकारी दी जा रही है।

संस्थान द्वारा गेहूं की चार नई किस्में विकसित की हैं, इसकी जानकारी भी वैज्ञानिकों द्वारा शोधार्थियों को दी जा रही हैं।उल्लेखनीय है कि विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान अल्मोड़ा कृषिकी नई तकनीक विकसित करने में देश में अपना नया उदाहरण है।

 

बाइट _डॉ आशीष कुमार वैज्ञानिक वी पी के एस

बाइट 2_ऋषि नाथ पांडे बाँदा

 

बाइट 3_विशाल वोदके महाराष्ट्र।

बाइट 4कोमल हैदराबाद _तेलंगाना

कंचना पांडेय अल्मोड़ा