दया शंकर टम्टा समता समाचार पत्र के संपादक और परिजन
कंचना पांडेय अल्मोड़ा
दी टॉप टेन न्यूज़ देहरादून
अल्मोड़ा-आज अल्मोड़ा में समाज सुधारक मुंशी हरिप्रसाद टम्टा की 135वीं जयंती धूमधाम के साथ मनाई गई। गांधी पार्क चौघान पाटा स्थित मुंशी हरिप्रसाद की प्रतिमा में नगर के संभ्रांत जनता ने माल्यार्पण किया। सामाजिक समरसता मंच अल्मोड़ा द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में मुंशी हरिप्रसाद टम्टा द्वारा” समाज हित में किए गए संघर्षों का स्मरण विषयक”विचार गोष्ठी एस एस जे परिसर अल्मोड़ा के सभागार में आयोजित की । गोष्टी में सामाजिक समरसता मंच के प्रांत संयोजक राजेन्द्र पंत ने कहा कि मंच द्वारा उत्तराखंड के महान गौरव हरिप्रसाद की जयंती मनाई जा रही है। उन्होंने कहा किदलित वर्ग के लिए शिल्पकार शब्द उन्ही की देन है, राजेन्द्र पंत ने बताया की 1913 में इस शब्द को यथार्थ रुप से लाने के लिए लाला लाजपत राय को उन्होंने अल्मोड़ा बुलाया, 1927में अंग्रेज सरकार ने शिल्पकार शब्द की स्वीकृति दी।
1931की जनगणना में शिल्पकार शब्द जोड़ा गया। उन्होंने समाज हित में विशेष कार्य किए स्कूल खुलवाए, उत्तराखंड में 40हज़ार नाली भूमि भूमिहीनो को दिलवाई । उन्होंने कहा कि सशक्त समाज बने इस दिशा में सामाजिक समरसता मंच काम कर रहा है।
कार्यक्रम संयोजक गोविंद गोपाल ने कहा कि उन्होंने एक आदर्श समाज की स्थापना की, जिसमें भेदभाव न हो। उनके विचार पूरे समाज में फैले इस उद्देश्य से यह कार्यक्रम अयोजित किया गया है
सामाजिक समरसता मंच की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम के अध्यक्ष व समता समाचार पत्र के संपादक मुंशी हरिप्रसाद टम्टा के परिजन दया शंकर टम्टा ने कहा कि हरिप्रसाद टम्टा ने शिक्षा के क्षेत्र में काम किया उन्होंने निर्बल वर्ग के लिए विद्यालय खुलवाए उनका कहना था जब तक हम शिक्षित नहीं होंगे तब तक अपने अधिकारों के बारे में नहीं जान पाएंगे। उन्होने कहा कि अल्मोड़ा के लिएअल्मोड़ा खैरना मोटर मार्ग उन्ही की देन है। उनका सामाजिक दृष्टि कोण रहा है अतः हम उनके बताए हुए मार्ग पर चल कर सामाजिक भेद भाव को भुलाकर सामाजिक समरसता को आगे बढ़ाए।
मुंशी हरिप्रसाद टम्टा सामाजिक समरसता के लिए जाने जाते हैं, उन्होंने 1935में समता समाचार पत्र का संपादन किया।
