प्रवासी उत्तराखंड़ियो की सहायता करने आगे आए सांसद अजय भट्ट

 दी टॉप टेन न्यूज़ (देहरादून)- इस समय पूरी दुनिया के साथ-साथ अपना देश भी कोरोना महामारी से हलकान हुआ जा रहा है पूरे देश में अगले 21 दिनों तक लॉक डाउन घोषित हो गया है|
ऐसे में प्रवासी उत्तराखंड यों की सहायता कर उन्हें अपने-अपने घरों में वापस लौटने में सहायता करने के लिए नैनीताल उधम सिंह नगर लोकसभा
सीट से सांसद अजय भट्ट सामने आए हैं साथ ही इस संबंध में सांसद अजय भट्ट ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से भी वार्ता की है इस संबंध में उन्होंने कहा कि हम अपनी गाड़ियों से लेकर इन प्रवासियों को उत्तराखंड ले जाएं डॉक्टर और संबंधित अधिकारियों द्वारा जिन्हें निर्देशित किया जाए उन्हें क्वॉरेंटाइन  करवाया जाए|

उत्तराखंड के प्रवासी जोकि दिल्ली कोलकाता  मुंबई और अन्य राज्यों में काम कर रहे हैं वह सभी कोरोना वायरस के चलते बने हालातों में अपने अपने घरों को लौटने के लिए 23 मार्च को उत्तराखंड आने के लिए दिल्ली के आनंद विहार बस अड्डे पर एकत्र हुए थे|

जिनको की उत्तराखंडी भाइयों तथा एक एनजीओ की सहायता से एक सराय में रुकवाने का इंतजाम करवाया तथा 24 मार्च की सुबह ही दो बसें चंपावत और एक बस स्याल्दे के लिए रवाना की गई|
अभी भी लगभग 188 लोग दिल्ली में रुके हैं जिनको सांसद अजय भट्ट की सहायता से उत्तराखंड भेजने के इंतजाम किए जा रहे हैं
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सांसद अजय भट्ट ने सभी से अपील की है की दिन प्रतिदिन कोरेना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ रही ह इसकी गंभीरता को समझना अत्यंत आवश्यक है|
देश के प्रधानमंत्री बार-बार अपना संदेश देकर इसमें पूर्ण सहयोग देने की अपील कर रहे हैं |
केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारें इस समय बचाव के लिए युद्ध स्तर पर कार्य कर रहे हैं हमें सिर्फ इतना कार्य करना है कि हम अपने को तथा अपने परिवार जनों को अपने घर तक ही सीमित रखें|
किसी भी भीड़भाड़ वाले स्थान पर न स्वयं जाएं और ना ही किसी को अपने घर पर बुलाएं|
सांसद अजय भट्ट ने यह भी कहा कि कई विकसित देशों में मेडिकल तथा पैरामेडिकल स्टाफ कम पड़ गया है यह संक्रमण इतनी तेजी से फैल रहा है अतः हम लोगों को स्वयं से अपने घर में ही रहना है
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सरकार के द्वारा दी जा रही एडवाइजरी पर जनता शत-प्रतिशत ध्यान दें| किसी भी तरह की कोई भी सूचना छुपाएं नहीं| और बाजार से खाद्य सामग्री भी आवश्यकता से अधिक मात्रा में खरीदने की जरूरत नहीं है| यदि किसी को खाद्यान्न की आवश्यकता पड़ती है प्रदेश सरकार द्वारा हेल्पलाइन के लिए संबंधित थाना क्षेत्रों के नंबर पर उपलब्ध कराए गए हैं उस पर कोई भी व्यक्ति एक निश्चित समय में संपर्क कर सकता है और जो लोग अन्य प्रदेशों से आ रहे हैं यदि उन्हें क्वॉरेंटाइन करने के लिए कहा जाता है तो वह स्वतः आगे आकर सेल्फ क्वेरेन्टाइन करें और घबराए नहीं।