खटीमा में फिर शुरू हुई बच्चो की लेखन व व्याख्यान कार्यशाला

पांच दिवसीय कार्यशाला में बच्चो की आंतरिक प्रतिभावों को संवारा जाएगा 

दी टॉप टेन न्यूज(खटीमा)- वर्तमान समय में भविष्य की  चुनौतियों की तैयारियों के चक्कर मे माता- पिता अपने बच्चो से उनका बचपन छीनते जा रहे है। बच्चो में छुपी प्रतिभाओ की बाहर लाने और उन्हें बचपन जीने की सीख देने के लिये उत्तराखंड के सीमान्त क्षेत्र खटीमा में पांच दिवसीय लेखन व्याख्यान व रचनात्मक कौशल कार्यशाला का आज आरम्भ हो गया।कार्यशाला का शुभआरंभ खटीमा के वरिष्ठ उधोगपति आर सी रस्तोगी ने किया।उत्तराखण्ड बाल साहित्य संस्थान,ज्ञान विज्ञान समिति व बाल प्रहरी संस्थाओं द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस कार्यशाला में सीमान्त क्षेत्र के 19 स्कूलों के 172 स्कूली बच्चो ने प्रतिभाग कर अपने भीतर छुपे कौशल का संवारने का काम करेंगे।
 राणा प्रताप इंटर कॉलेज सभागार में आयोजित पांच दिवसीय इस कार्यशाला में स्कूली बच्चो लेखन कला विकसित करने के साथ उनके अंदर छुपी प्रतिभावो को भी लेखन,काव्य कहानी,पेंटिग व्याख्यान के माध्यम से इस कार्यशाला में संवारने का कार्य करेंगे।

वहीं बच्चो की पांच दिवसीय कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में पहुँचे खटीमा फाइबर के सीएमडी आर सी रस्तोगी जंहा इस कार्यशाला के पिछले तेरह सालों से खटीमा में हो रहे आयोजन से खुश दिखे। वही इस कार्यशाला के माध्यम से सीमान्त क्षेत्र के बच्चो की प्रतिभावों का विकास होने की उन्होंने बात कही। कार्यशाला आयोजक बाल प्रहरी पत्रिका के सम्पादक उदय किरौला के अनुसार इस बार की कार्य शाला को बाल लेखन कार्यशाला के साथ व्याख्यान कार्यशाला के रूप में चलाया जाएगा। जिसमे बच्चो को पांच दिनों में काव्य,कहानी लेखन के अलावा नाटक,समुख गीत के माध्यम से बच्चो की प्रतिभावों को निखारा जाएगा।

इस दौरान कार्यक्रम का संचालन जंहा समिति के सचिव शिक्षक नरेंद्र रौतेला द्वारा किया गया। वही  कार्यशाला के शुभारम्भ के अवसर पर राणा प्रताप स्कूल के प्रबंधक गीता राम बंसल,प्रधानाचार्य रविन्द्र प्रकाश पंत, पूर्व प्रधानाचार्य सुदर्शन वर्मा,अंजू भट्ट,डॉ महेंद्र प्रताप पांडे,साहित्यकार,जगदीश पन्त,कुमुद,राम रतन यादव,राधा तिवारी,एवं भूपाल सिंह अधिकारी,लक्ष्मी कांत लोहनी आदि मौजूद रहे।