उत्तराखंड में 80 साल की उम्र में किस बुजुर्ग ने की हाई स्कूल परीक्षा पास

आखिर किस टिस ने 80 वर्ष में हाई स्कूल की परीक्षा देने को किया प्रेरित

दीपक फुलेरा-
दी टॉप टेन न्यूज(खटीमा)-
उधम सिंह नगर के खटीमा में 80 वर्षीय रिटायर्ड सूबेदार मेजर दानी राम ने हाईस्कूल की परीक्षा पास सबको अचंभित कर दिया है।राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान के माध्यम से 60 प्रतिशत से अधिक अंकों से हाईस्कूल पास कर दानी राम ने यह सिद्ध कर दिया है कि पड़ने लिखने की कोई उम्र नही होती। 
 खटीमा तहसील क्षेत्र के चकरपुर निवासी सीआरपीएफ से रिटायर्ड सूबेदार मेजर दानी राम ने 80 साल की उम्र में हाई स्कूल की परीक्षा पास कर सबको चोंका दिया है। अपने दूसरे प्रयास में सफल हुए दानी राम ने इस बार राष्ट्रीय मुक्त विद्यालई शिक्षा संस्थान से 60 प्रतिशत अंकों के साथ हाईस्कूल की परीक्षा को पास किया है। तीन बेटों व तीन बेटियों के पिता दानी राम जहां सीआरपीएफ़ से सूबेदार मेजर पद पर 1995 को रिटायर्ड हुए थे। वहीं सर्विस के दौरान सिर्फ हाईस्कूल पास ना होने की वजह से असिस्टेंट कमांडेंट ना बन पाने की टीस ने उन्हें 80 की उम्र में हाई स्कूल पास करा दिया। 500 में से 303 अंक ला प्रथम श्रेणी में हाई स्कूल पास होने वाली दानी राम जहां बेहद खुश है।वही अब इंटर की परीक्षा को भी पास करने की इच्छा अपने दिल में रखते है।इससे साथ साथ दानी राम जी शिक्षा की अनिवार्यता के लिए समाज को प्रेरित भी करना चाहते है।

वही 80 वर्षीय बुजुर्ग दानी राम जी की सफलता से खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे थारू राजकीय इंटर कॉलेज खटीमा के अध्यापक व राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा केन्द्र के प्रभारी नरेंद्र रौतेला भी दानी राम के जज्बे के कायल है।शिक्षक रौतेला के अनुसार दानी राम जी जंहा दो वर्ष पहले उनके पास हाई स्कूल का फॉर्म भरने आये थे। वही पहली बार सफल ना होने पर दूसरी बार उनके द्वारा प्रेरित करने पर वह प्रथम श्रेणी में हाई स्कूल की परीक्षा पास करने में सफल रहे है।साथ ही दानी राम की इस सफलता को अन्य लोगो के लिए भी प्रेणना देने वाला बता रहे है।
रिटायर्ड सूबेदार मेजर दानी राम जी की सफलता सीमान्त क्षेत्र खटीमा के लोगो के लिए एक बड़ी प्रेणना के रूप में सामने आई है। वही 80 वर्ष की उम्र में हाई स्कूल पास कर उन्होंने यह फिर से साबित किया है कि पड़ने लिखने की कोई उम्र नही होती। सिर्फ जज्बे व जुनून से आप कोई भी सफलता प्राप्त कर सकते है।फिलहाल दानी राम जी को उनकी इस सफलता पर सीमान्त क्षेत्र के लोग जहां उनकी प्रशंसा कर रहे है। वही उम्र के चौथे पड़ाव में हाई स्कूल की परीक्षा को पास करने को अन्य लोगो के लिए भी प्रेणना वाला कदम बता रहे है।