हरक को नहीं रास आ रहा दमयंती को सचिव पद से हटाना

दी टॉप टेन न्यूज़ देहरादून

भवन निर्माण एवं कर्मकार कल्याण बोर्ड से श्रम मंत्री की करीबी दमयंती रावत को सचिव पद से हटा दिया गया है और दमयंती रावत का बोर्ड से इस तरह हटाया जाना हरक सिंह रावत को रास नहीं आ रहा है और इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए आज उन्होंने कहा कि बोर्ड के अध्यक्ष सत्यपाल को यह अधिकार नहीं है कि वह सचिव को हटा सकें क्योंकि बोर्ड पहले से ही भंग है और अभी बोर्ड मीटिंग नहीं बैठी है।

श्रमिक बोर्ड भंग होने और उसके अध्यक्ष पद से श्रम मंत्री को हटाए जाने के बाद से हालांकि श्रम मंत्री स्वयं इस मामले पर चुप्पी साधे हुए थे लेकिन कल जब दमयंती रावत को सचिव पद से हटा दिया गया तो यह बात हरक सिंह के गले नहीं उतरी और उन्होंने इस मामले पर आज अपनी चुप्पी तोड़ ही दी। हालांकि यह पहली बार नहीं हो रहा की, बात जब कभी हरक सिंह पर आती है तो गाज उनकी करीबी दमयंती पर गिरती ही है अब ये बात अलग है की हरक की हनक के आगे किसी की नहीं चलती और दमयंती मैडम फिर से किसी कुर्सी पर विराजमान हो ही जाती है।

हालांकि दमयंती रावत को बोर्ड के सचिव पद से हरक सिंह के साथ ही हटा दिया गया था लेकिन बाद में सचिव श्रम हरवंश चुघ ने पूर्व आदेश में संशोधन कर दमयंती को बोर्ड में बनाए रखा था अब बोर्ड के नए अध्यक्ष शमशेर सिंह सत्याल ने फिर से कल दमयंती को बोर्ड से हटाने का आदेश जारी कर दिए था और यही बात हरक सिंह को रास नहीं आ रही है और आज वह इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ ही बैठे।

यहां गौरतलब है कि दमयंती रावत खंड शिक्षा अधिकारी हैं और वह प्रतिनियुक्ति पर बोर्ड के सचिव पद पर बैठी थी। वर्ष 2012 में जब हरक सिंह कृषि मंत्री थे तब उन्होंने दमयंती के लिए विशेष कार्याधिकारी का निसंवर्गीय पद ग्रेड वेतन 8700 सृजित कराया था लेकिन तब तत्कालीन शिक्षा मंत्री, मंत्री प्रसाद नैथानी ने एनओसी नहीं दी थी लेकिन दमयंती शिक्षा विभाग के बिना एनओसी के ही प्रतिनियुक्ति पर आ गई थी और कुछ समय बाद ही उन्हें कृषि विभाग में उत्तराखंड बीज एवं जैविक प्रमाणीकरण अभिकरण के निदेशक पद पर तैनात कर दिया गया और 2016 में जब हरक सिंह रावत ने कांग्रेस से बगावत की तो दमयंती रावत को भी अपने पद से हाथ धोना पड़ा था उसके बाद हरक सिंह रावत ने भाजपा का दामन थामा और फिर से चुनाव जीत मंत्री बन बैठे तो दमयंती फिर से श्रम विभाग में प्रतिनियुक्ति पर आ गई।