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रुद्रपुर। उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (UCOST), देहरादून द्वारा प्रायोजित द्वितीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रीमियर लीग-2026 का जिला स्तरीय आयोजन 1 अक्टूबर 2026 को भारतीयम इंटरनेशनल स्कूल, लालपुर, रुद्रपुर में उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। प्रतियोगिता में जिले के सातों विकासखंडों के विद्यालयों से चयनित जूनियर एवं सीनियर वर्ग के कुल 42 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। लगभग छह घंटे तक चली इस मैराथन विज्ञान प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर आधारित विभिन्न चरणों में अपनी ज्ञान, तर्कशक्ति, प्रस्तुतीकरण एवं त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में निर्धारित समय में लिखित परीक्षा, विजुअल राउंड, वीडियो राउंड, स्पीच राउंड, रैपिड फायर तथा बजर राउंड आयोजित किए गए। प्रश्न मुख्य रूप से एनसीईआरटी की विज्ञान पाठ्यपुस्तकों पर आधारित रहे, जिनमें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि निदेशक भारत गोयल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए यूकॉस्ट द्वारा जिले के विद्यालयों में संचालित की जा रही विज्ञान गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों को विज्ञान के प्रति जिज्ञासु एवं नवाचारी दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय की प्रधानाचार्या रश्मि आनंद ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों, मार्गदर्शक शिक्षकों एवं समन्वयकों का स्वागत किया।

जिला समन्वयक नरेंद्र रौतेला ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रीमियर लीग की अवधारणा, उद्देश्य तथा विद्यालयी विज्ञान शिक्षा में इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रतियोगिता की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की प्रतियोगिताओं का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक सोच, त्वरित निर्णय क्षमता और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि को बढ़ावा देना है।
क्विज के निर्माण, संचालन एवं मूल्यांकन में शिवालिक चिल्ड्रन साइंस फाउंडेशन के सुमित पाण्डेय, हर्षिता देवराड़ी, एस. पाण्डेय, प्रेरणा डोभाल तथा सत्यम कुमार ने संयुक्त रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों संवर्गों के लिए तैयार की गई प्रश्नावली एनसीईआरटी की विज्ञान पाठ्यपुस्तकों पर आधारित थी। निर्णायक मंडल में प्रिंसिपल माधवेंद्र सारस्वत, अगस्त्या फाउंडेशन के एन वेंटेटेश तथा राम कुशवाहा शामिल रहे।
सीनियर वर्ग में राहुल पोखरिया प्रथम
सीनियर वर्ग में नानकमत्ता पब्लिक स्कूल, नानकमत्ता के राहुल पोखरिया ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसी विद्यालय के जतिन सिंह पल्याल ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। रिवरडेल इंटरनेशनल स्कूल, बाजपुर के अंकित खन्ना तृतीय स्थान पर रहे, जबकि पीएम श्री जीआईसी महुआडाबरा, जसपुर की दिव्या ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया।
जूनियर वर्ग में अंशवीर सिंह राजपूत प्रथम
जूनियर वर्ग में भारतीयम इंटरनेशनल स्कूल, रुद्रपुर के अंशवीर सिंह राजपूत ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। रिवरडेल इंटरनेशनल स्कूल, बाजपुर की भगतप्रीत कौर द्वितीय स्थान पर रहीं। एसएमएस दत्ता मेमोरियल नोसगे पब्लिक स्कूल, खटीमा के हिमांशु मेहता तथा शिक्षा भारती सीनियर सेकेंडरी स्कूल, खटीमा के अनुज चंद ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया
प्रतियोगिता में चयनित विद्यार्थी अक्टूबर माह के अंतिम सप्ताह में देहरादून स्थित यूकॉस्ट में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय आयोजन में प्रतिभाग करेंगे। समापन सत्र में जिला समन्वयक नरेंद्र रौतेला ने विद्यार्थियों को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता की रूपरेखा एवं आवश्यक तैयारियों के संबंध में जानकारी दी तथा उन्हें आगामी प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं।
समापन अवसर पर सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों, मार्गदर्शक शिक्षकों एवं ब्लॉक समन्वयकों को प्रमाण पत्र, मेडल एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में जिले के सातों विकासखंडों के समन्वयकों की सक्रिय सहभागिता रही। बाजपुर से सुरेश चंद्र उप्रेती, सितारगंज से हरिशंकर याज्ञिक, रुद्रपुर से ताराचंद पंत, खटीमा से निर्मल कुमार न्योलिया, गदरपुर से विमला उपाध्याय, काशीपुर से शिवानी शर्मा तथा जसपुर से तजमुल हसन तथा जिला विज्ञान समन्वयक विनीता जगदीश चौधरी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समन्वय एवं प्रबंधन में सुनील चंद्र पुनेरा एवं अभय मठेला ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मोहन ढाका एवं आस्था रुद्रा के उत्कृष्ट मंच संचालन ने पूरे कार्यक्रम को रोचक एवं आकर्षक बनाए रखा। राजेश ने संगीत व्यवस्था, वंदना एवं मोनिका शर्मा ने पंजीकरण तथा रमेश लोहरानी ने अनुशासन व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाली। इसके अतिरिक्त मनोज सर, प्रदीप, कृष्णा एवं गरिमा ने विभिन्न व्यवस्थाओं में सहयोग प्रदान किया।
सभी के सामूहिक प्रयासों से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रीमियर लीग का जिला स्तरीय आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को विज्ञान को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखकर उसे तार्किक चिंतन, जिज्ञासा, अभिव्यक्ति और त्वरित निर्णय क्षमता से जोड़ने का अवसर प्रदान किया।

