स्वाइन फ्लू नहीं इनफ्लुएंजा कहिए-स्वास्थ्य विभाग

सूबे के स्वास्थ्य विभाग ने इनफ्लुएंजा के लिए कसी कमर

दी टॉप टैन न्यूज़(देहरादून)-प्रदेश में जैसे जैसे मौसम परिवर्तन हो रहा है प्रदेश में डेंगू तो अंतिम चरण में है लेकिन सर्दी शुरू होने के साथ प्रदेश में स्वाइन फ्लू का खतरा बढ़ रहा है स्वाइन फ्लू से कुछ मरीजों के पीड़ित होने के बाद प्रदेश में अब इसका वायरस कहर बरपा सकता हैं। इसके संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अभी से तैयारियां शुरू कर ली है।
स्वाइन फ्लू के पिछले साल के नतीजों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बैठक कर डॉक्टर और मीडिया से अपील की है कि वह स्वाइन फ्लू की जगह इनफ्लुएंजा शब्द का प्रयोग करें। इनफ्लुएंजा शब्द प्रयोग करने के पीछे मनोवैज्ञानिक कारण बताए जा रहे हैं कि मरीज साधारण बुखार से पीड़ित होने पर भी उसे स्वाइन फ्लू मानकर दहशत में ना आ जाए।
गौरतलब है कि प्रदेश में जिस तरीके से डेंगू फैला लोगों को डेंगू बुखार कम हुआ और उसकी दहशत ज्यादा हो गई थी साधारण बुखार होने पर भी मरीजों ने डेंगू टेस्ट करवाएं इस कारणवश अकेले दून मेडिकल कॉलेज में ही ओपीडी में दो से ढाई हजार मरीज रोज  पहुंच रहे थे और  साधारण बुखार को भी डेंगू मान कर मरीज डरे हुए थे।इसका एक कारण समय पर शासन प्रशासन द्वारा प्रचार प्रसार ना कराना था इसे लेकर सरकार को विपक्ष के साथ जनता द्वारा भी निशाना बनाया गया था और सरकार की फजीहत हुई थी।
लेकिन अब सर्दियों के शुरू होने से पहले स्वास्थ विभाग पूरी तरह से तैयार है बकायदा बैठक कर विभाग ने मीडिया और  डॉक्टरों से अपील की है कि वह स्वाइन फ्लू शब्द की जगह इनफ्लुएंजा का प्रयोग करें जिससे मरीज दहशत में ना आए।स्वास्थ विभाग भी इनफ्लुएंजा के प्रचार प्रसार के लिए अभी से तैयार हो चुका है ।
इस मामले में दी टॉप टेन न्यूज़ द्वारा दून मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर के के टम्टा से बात करने पर उन्होंने बताया कि इनफ्लुएंजा स्वाइन फ्लू का ही दूसरा नाम है जिसे लेकर मरीजों को घबराने की जरूरत नहीं है बस कुछ जानकारी और रोकथाम के जरिए या पीड़ित होने पर उचित चिकित्सकीय परामर्श और इलाज द्वारा मरीज जल्दी ठीक हो जाते हैं। अतः इन्फ्लूएंजा से पीड़ित होने पर धैर्य के साथ  इलाज करवाएं घबरा कर दहशत में हरगिज़ ना आए।