देहरादून ज़िले में राष्ट्रीय लोक अदालत में 1721 मुकदमों के साथ 10163 प्री-लिटिगेशन मामले का हुआ निस्तारण

 

दी टॉप टेन न्यूज़ देहरादून

देहरादून :जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून के तत्वावधान में 09 सितंबर को जिला मुख्यालय देहरादून, बाहय न्यायालय ऋषिकेश, विकासनगर एवं डोईवाला जनपद देहरादून के न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस लोक अदालत में मोटर दुर्घटना क्लेम, सिविल मामले पारिवारिक नामले चेक बाउन्स से सम्बंधित मामले व अन्य शमनीय प्रकृति के आपराधिक मामले लगाये गये थे। लोक अदालत में संदर्भित मामलों के निस्तारण के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून द्वारा कुल 11 पीठों का गठन किया गया था। इस लोक अदालत में शमनीय प्रकृति के 177 मामलें, चैक सम्बंधी 596 मामलें, धन वसूली सम्बंधी 34 मागले मोटर दुर्घटना क्लेम ट्राईबुनल के 31 मामले, जमीनी विवाद सम्बंधी 02 मामले पारिवारिक विवाद सम्बंधी 52 मामलें, मोटर वाहन द्वारा अपराधों के 762 मामले एवं अन्य सिविल प्रकृति के 87 मामलें कुल 1721 मुकदमों का निस्तारण किया गया तथा 158298380/- रू० की धनराशि पर समझौता हुआ।

लोक अदालत में प्रदीप पंत जिला न्यायाधीश, देहरादून की पीठ द्वारा कुल 95 मामले, मनोज गर्ब्याल प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, देहरादून की पीठ द्वारा 43 मामले, अमित कुमार चतुर्थ अपर वरिष्ठ सिविल जज, देहरादून की पीठ द्वारा 160 मामलें, ममता पंत, पंचम अपर वरिष्ठ सिविल जज, देहरादून की पीठ द्वारा 64 मामलें, सुमन, अष्टम अपर वरिष्ठ सिविल जज, देहरादून की पीठ द्वारा 202 मामलें लक्ष्मण सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, देहरादून की पीठ द्वारा 401 मामले, उर्वशी रावत, प्रथम न्यायिक मजिस्ट्रेट, देहरादून की पीठ द्वारा 363 मामलें ओम कुमार, न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय देहरादून की पीठ द्वारा 42 मामले निस्तारित किये गये। साथ ही बाह्य न्यायालय, विकासनगर में राहुल गर्ग, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, विकासनगर की पीठ द्वारा 108 बाह्य न्यायालय ऋषिकेश में भवदीप रावते. वरिष्ठ सिविल जज, ऋषिकेश की पीठ द्वारा 148 मामलें बाह्य न्यायालय डोईवाला में मीनाक्षी दुबे सिविल जज की पीठ द्वारा 35 मामले निस्तारित किये गयें। इस लोक अदालत में प्रीलिटिगेशन स्तर के मामले भी निस्तारित किये गये।

लोक अदालत मे प्री-लिटिगेशन स्तर के 10163 मामलों का निस्तारण किया गया तथा रू0 24717696 / रू० की धनराशि के सम्बंध में समझौते किये गये। सचिव/ वरिष्ठ सिविल जज, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार लोक अदालतें सरल और त्वरित न्याय करने का एक प्रभावी माध्यम है, लोक अदालतों में पक्षकार आपसी समझौते के आधार पर मामले का निस्तारण कराते हैं. ऐसे आदेश अंतिम होते हैं तथा पक्षकारों को उनके द्वारा दिया गया न्यायशुल्क भी वापस कर दिया जाता है।

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