सेना भर्ती फर्जीवाड़े का वांछित आरोपी हरेंद्र भी बुलन्दशहर यूपी से गिरफ्तार


बनबसा पुलिस ने फर्जी अभ्यर्थियों की निशानदेही हरेंद्र को यूपी से दबोचा


दीपक फुलेरा-

दी टॉप टैन न्यूज़(बनबसा)- चम्पावत जिले के बनबसा आर्मी छावनी में चल रही सेना भर्ती रैली में यूपी से फर्जी दस्तावेज के सहारे आये मुख्य सरगना सहित तेरह लोगो को जंहा बनबसा पुलिस विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज चुकी है। वही अब इस पूरे फर्जीवाड़े में कम्प्यूटर के मदद से उत्तराखण्ड के फर्जी दस्तावेज व शैक्षिक प्रमाण पत्र बनाने वाले वांछित आरोपी हरेंद्र को भी बनबसा पुलिस ने यूपी बुलन्दशहर के शिकारपुर स्थित उसकी दुकान से गिरफ्तार कर लिया है। 
बनबसा थानाध्यक्ष जसवीर सिंह चौहान के निर्देशन में पुलिस टीम ने जंहा बनबसा भर्ती में पकड़े गए मुख्य सरगना की निशानदेही में यूपी के बुलन्दशहर से हरेंद्र को गिरफ्तार किया है। वही हरेंद्र के पास से कम्प्यूटर मॉनिटर,सीपीयू,प्रिंटर सहित कई दस्तावेज बरामद किए है। जिनकी मदद से आरोपी हरेंद्र ने उत्तराखण्ड के बनबसा सेना भर्ती रैली में शामिल होने के लिए यूपी व हरियाणा के कई जिलों के युवकों के फर्जी दस्तावेजों का निर्माण किया था।वही 21 सितम्बर से चल रही भर्ती रैली में बनबसा पुलिस ने जंहा 24 सितम्बर को यूपी व हरियाणा के 7 फर्जी अभ्यर्थी उसके उपरांत इनकी निशानदेही में बनबसा होटल से मुख्य आरोपी महेंद्र व उसके दो साथी गिरफ्तार किए।वही 25 सितम्बर को एक बार फिर यूपी बुलन्दशहर के तीन फर्जी अभ्यर्थी दबोचे। वही अब इस पूरे फर्जीवाड़े में कम्प्यूटर सेंटर के माध्यम से उत्तराखण्ड के फर्जी दस्तावेज बनाने वाले हरेंद्र को भी गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। बनबसा भर्ती प्रकरण में फर्जीवाड़े के इस मामले का अनावरण में लगी पुलिस टीम को एसपी चम्पावत द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु दस हजार का पुरस्कार देने की भी घोषणा की है। बनबसा भर्ती प्रकरण में पूरे फर्जीवाड़े के अनावरण में शामिल पुलिस टीम में एसआई गोविंद बिष्ट,एसआई,अरविंद कुमार,एसआई सुमन पन्त, कान0 प्रवीण गोस्वामी ,नरेंद्र दिलवाल,परमजीत सिंह,मनजीत सिंह,शंकर भट्ट व रितेश बोहरा शामिल थे।
वही हम आपको बता दे कि बनबसा पुलिस के साथ साथ इस मामले के पूरे तह तक पहुँचने में मुख्य भूमिका निभाने वाली टीमो में आर्मी खुफिया विभाग के अलावा एलआईयू बनबसा प्रभारी भास्कर बड़ोला,हरीश कन्याल,विशेष अभिसूचना इकाई के मोहम्मद आसिफ व शैलेन्द्र राणा प्रमुख रूप से थे। जो बनबसा भर्ती के पहले दिन से ही इस तरह के फर्जीवाड़े की सम्भावनाओ को लेकर भर्ती स्थल पर लगातार सक्रिय थे।इन सभी के संयुक्त प्रयासों की बदौलत ही सेना भर्ती में यूपी से शामिल होने आए मुन्ना भाइयो व सरगनाओं को बनबसा पुलिस ने सलाखों के पीछे भेजना का सराहनीय कार्य किया है।