आईआईटी रुड़की ने मनाया युवा संगम सेकेंड, तेलंगाना से युवा आईआईटी रुड़की कैंपस उत्तराखंड पहुंचे

दी टॉप टेन न्यूज़ देहरादून

रुड़की-भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी रुड़की) ने युवा संगम-II सेकंड का उत्सव मनाते हुए तेलंगाना के युवाओं का उत्तराखंड में स्वागत किया। कार्यक्रम 29 अप्रैल से 5 मई, 2023 तक आयोजित किया जायेगा। युवा संगम भारत सरकार की एक पहल है जो मुख्य रूप से उच्च शिक्षण संस्थानों (एचईआई) में पढ़ने वाले छात्रों और अलग अलग राज्यों से कुछ ऑफ-कैंपस युवाओं के लिए एक्सपोजर टूर आयोजित करने पर केंद्रित है। तेलंगाना के छात्र उत्तराखंड के विभिन्न स्थानों जैसे हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून और नैनीताल का दौरा करेंगे। वे राज्य की संस्कृति, पर्यटन और विकास के विभिन्न पहलुओं से परिचित होंगे। यह जीवन के कई पहलुओं, विकास स्थलों, हाल की उपलब्धियों और मेजबान राज्य में युवा संबंधों का एक व्यापक अनुभव प्रदान करता है। अपनी यात्राओं के दौरान, युवाओं को पांच व्यापक क्षेत्रों – पर्यटन (टूरिज्म), परम्परा (ट्रडिशन्स), प्रगति (डेवलपमेंट) और परस्पर संपर्क (पीपल-टू-पीपल कनेक्ट), प्रोद्योगिक(तकनीकी) के तहत बहुआयामी अनुभव होगा। ।

एनआईटी वारंगल, उस्मानिया विश्वविद्यालय, आईसीएफएआई बिजनेस स्कूल, हैदराबाद, विद्या ज्योति इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, हैदराबाद विश्वविद्यालय और तेलंगाना के अन्य प्रमुख एचईआई से 45 छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल सरकार के महत्वाकांक्षी सांस्कृतिक और शैक्षिक प्रयास “एक भारत श्रेष्ठ भारत युवा संगम – II” के तहत आईआईटी रुड़की पहुंचा। कार्यक्रम की शुरुआत गणमान्य लोगों के स्वागत के साथ हुई। इनमें एनआईटी डब्ल्यू के फैकल्टी सलाहकार डॉ. श्रीनिवास बसावजू, प्रोफेसर एमवी सुनील कृष्णा, एसोसिएट डीन ऑफ स्टूडेंट वेलफेयर (स्टूडेंट्स एक्टिविटीज), आईआईटी रुड़की, प्रोफेसर मुकेश कुमार बरुआ, डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर, आईआईटी रुड़की, प्रोफेसर के के पंत, डायरेक्टर, आईआईटी रुड़की शामिल थे। इस कार्यक्रम में आने वाले मेहमानों और बधिरों के लिए अनुश्रुति स्कूल की भागीदारी रही। इस कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ, और सांस्कृतिक बारीकियों के बीच की खाई को पाटने के लिए मीडिया प्रश्नोत्तर आयोजित किया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘वन इंडिया, बेस्ट इंडिया’ की कल्पना की थी; इसे साकार करने के लिए भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पहले चरण की अपार सफलता के बाद दूसरे चरण की शुरुआत हुई।

इस अवसर पर आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रोफेसर के.के. पंत ने कहा, “यह कार्यक्रम देश के विभिन्न हिस्सों से युवाओं को एक साथ लाता है और उन्हें कार्यशालाओं, पैनल चर्चाओं और नेटवर्किंग कार्यक्रमों जैसी गतिविधियों में शामिल होने का अवसर प्रदान करता है। इसका उद्देश्य है युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के साथ बातचीत करने और करियर के अवसरों, कौशल विकास और उद्यमिता के बारे में सीखने के लिए एक मंच प्रदान करना।”

प्रोफेसर मुकेश कुमार बरुआ, डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर, आईआईटी रुड़की ने कहा, “युवा संगम का उद्देश्य नेतृत्व, संचार, क्रिटिकल थिंकिंग, और प्रॉब्लम सॉल्विंग में कौशल और क्षमताओं का विकास करना है। कार्यक्रम के हिस्से के रूप में, युवाओं को नवाचार की संस्कृति और देश के मानवीय दर्शन को प्रतिबिंबित करने वाले सांस्कृतिक मूल्यों के लिए प्रतिभा, वैश्विक ज्ञान और रचनात्मकता को मूर्त रूप देने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।”

Verified by MonsterInsights