दी टॉप टेन न्यूज़ देहरादून
देहरादून-अभी कुछ दिन पूर्व ही उत्तराखंड के बनभूलपुरा में रेलवे द्वारा अतिक्रमण हटाने का मामला मीडिया की सुर्खियों में था ये तो शुक्र है वहां रेलवे ने इंसानों को नोटिस जारी किया था।
लेकिन मध्यप्रदेश के मुरैना में रेलवे विभाग की ओर से बेहद ही अजीबोगरीब मामला सामने आया है। जहां विभाग ने मंदिर में विराजमान भगवान बजरंगबली को ही नोटिस जारी कर दिया है। रेलवे ने सबलगढ़ में बने मंदिर में विराजमान भगवान बजरंगबली को नोटिस में अतिक्रमणकारी करार दिया है। हैरत की बात तो यह है कि रेलवे विभाग यहीं नहीं रूका बल्कि उन्होंने बजरंग बली को हिदायत भी दे डाली है। विभाग ने उनसे सात दिन में अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया है।
आठ फरवरी को बजरंगबली को जारी किया नोटिस
रेलवे की तरफ से भगवान बजरंग बली को यह भी चेतावनी दी गई है कि अतिक्रमण न हटाने पर रेलवे जबरन कार्रवाई करेगा। साथ ही जेसीबी आदि के खर्च की वसूली बजरंगबली से ही होगी।
झांसी रेल मण्डल के वरिष्ठ खण्ड अभियंता, जौरा अलापुर की ओर से 8 फरवरी को बजरंग बली, सबलगढ़ के नाम से एक नोटिस जारी किया गया था। उनका यह नोटिस इस समय सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि सोशल मीडिया के यूजर्स भी रेलवे का जमकर ट्राल भी कर रहे हैं।
रेलवे विभाग की ओर से जारी नोटिस में भगवान बजरंग बली को संबोधित करते हुए लिखा है, कि आपके द्वारा सबलगढ़ के मध्य किलोमीटर में मकान बनाकर रेलवे की भूमि पर अतिक्रमण कर लिया गया है। नोटिस में कहा गया कि आप सात दिनों के अंदर रेलवे की भूमि को खाली करें अन्यथा आपके द्वारा किए गए अतिक्रमण को प्रशासन द्वारा हटाने की कार्रवाई की जाएगी, जिसका हर्जाना व खर्च की जिम्मेदारी स्वयं आपकी ( भगवान बजरंग बली की) होगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जब रेलवे के द्वारा जारी किए गए नोटिस की सच्चाई जानने के लिए झाँसी रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज माथुर से संपर्क किया तो उन्होंने पहले इसे रेलवे की सामान्य प्रक्रिया बताया। उन्होंने कहा कि यह नोटिस पूरी तरह सही लग रहा है जो रेलवे से ही जारी हुआ है। जनसंपर्क अधिकारी मनोज माथुरज ने कहा कि सबलगढ़ में श्योपुर-ग्वालियर ब्राडगेज लाइन का काम चल रहा है, यदि मंदिर ब्राडगेज लाइन के बीच में आ रहा है तो उसे हटाना तो पड़ेगा ही। मंदिर रेलवे की जमीन में है, इसलिए विधिवत नोटिस दिया गया है।
