अल्मोड़ा का ऐतिहासिक पौराणिक मां नंदा देवी का मेला संपन्न हुआ

 

दी टॉप टेन न्यूज़ देहरादून

आज बुधवार को अल्मोड़ा का प्रसिद्ध व एतिहासिक,पौराणिक मां नंदा देवी मेला मां नंदा सुनंदा के डोले शोभा यात्रा के साथ संपन्न हुआ। शोभा यात्रा मंदिर से प्रारंभ होकर मुख्य बाजार होते हुए कैंट क्षेत्र स्थित नौले तक गई जहां मां नंदा सुनंदा की मूर्तियों का विसर्जन किया गया। मां के डोले से पूर्व चंद वंशिय परिवार जन मंदिर में विधान के अनुसार पूजा करी।

यह मेला भाद्र शुक्ल पंचमी से लगता है, सप्तमी को आमंत्रित कदली के खामो से मां नंदा सुनंदा की मूर्तियां बनाई जाती है। अष्टमी को इनका पूजन श्रद्धालुओं द्वारा किया जाता है। देव डांगरो द्वारा मां की गाथा गाई जाती है। मां नंदा _सुनंदा चंद वंशिय कुलदेवी के रुप में पूज्य हैं, इसलिए सारे अनुष्ठान चंद वंश के वंशज कुंवर के सी सिंह बाबा के परिवार जनों ने करी।

मां के डोले का विसर्जन पौराणिक गाथा के अनुसार बेटी की विदाई के अनुसार किया जाता है। आगे से तलवार लिए सैनिक डोले के पीछे चंद वंशिय वंशज जाते है।
नंदा देवी मेले के दौरान मेला प्रबंधन समिति द्वारा संस्कृतिक प्रतियोगिताएं व कार्यक्रम आयोजित किए गए। मंदिर परिसर में प्रदर्शनी भी लगाई गई। गत दो वर्षो से कोरोना के कारण मेला नहीं लगा, इस बार मां के ददर्शन को श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा

आज मंदिर में चंद वंश परिवार के परिजन शिल्पी सिंह, व पुनीत सिंह ने मंदिर में परम्परागत पूजा की । शिल्पी सिंह ने कहा कि मां नंदा_ सुनंदा हमारी कुल देवी हैं यहां पूजा कर हमें सुखद आनंद हुआ है। पुनीत सिंह ने कहा कि आज डोले के लिए वह यहां आए हैं, उन्होंने अल्मोड़ा के लोगों से शोभा यात्रा में आने और मां के दर्शन करने का अनुरोध किया।
बेरीनाग से आई श्रद्धालु शिखा वर्मा ने कहा कि वह प्रतिवर्ष मां के दर्शन को आती हैं। उनका मानना है कि मां नंदा देवी एक शक्ति पीठ है , उनका धार्मिक महत्त्व पूरे विश्व में विख्यात है।
मंदिर के पूजारी तारा दत्त जोशी ने भी आज माँ की शोभा यात्रा के विषय में बताया।