दी टॉप टेन न्यूज़ देहरादून
प्रदेश में चारधाम यात्रा जोर शोर से चल रही है देश विदेश से हजारों श्रद्धालु रोज चार धाम दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं । इस चार धाम यात्रा में उत्तराखंड की मित्र पुलिस यात्रियों की हर संभव मदद कर रही है. कहीं वह श्रद्धालुओं को उपचार की सुविधा उपलब्ध करवा रही है तो कहीं गाड़ी की व्यवस्था और बिछड़े हुए बुजुर्गों और बच्चो को परिवार से मिला रही है और कहीं खोया पाया सामान मालिक तक पहुंचा रही है जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु जब उत्तराखंड से जाएं तो वह यहां की पुलिस के लिए एक अच्छी भावना लेकर जाएं।
वाहन हुआ खराब तो मिली वैकल्पिक वाहन की सुविधा
चारधाम यात्रा पर आए 40 तीर्थयात्रियों की एक बस पौड़ी गढ़वाल पर खराब हो गई। जिस पर पर्यटन पुलिस की ओर से उन्हें 05 वाहनों की वैकल्पिक व्यवस्था कर उन्हें उनके गंतव्य तक पहुंचाया। पर्यटन पुलिस के कार्यों की सराहना करते हुए यात्रियों ने कहा कि वाहनों की वैकल्पिक व्यवस्था से उनकी समस्या का आसानी से समाधान हो गया। दरअसल पौड़ी गढ़वाल जिले के पुलिस चौकी श्रीकोट को सूचना मिली की एक बस खराब हो गई है जिसमें सवार यात्री काफी समय से परेशान हैं। चौकी श्रीकोट पुलिसकर्मियों द्वारा मौके पर पहुंचकर वैकल्पिक वाहन की व्यवस्था की गई।
वृद्ध यात्री को उपचार हेतु अस्पताल पहुंचाया
हेमकुंड साहिब से घांघरिया लौट रहे यात्री मंजीत सिंह पुत्र गोपाल सिंह उम्र 68 वर्ष, निवासी लुधियाना की रास्ते में तबियत खराब हो गई। घांघरिया में नियुक्त पुलिस बल एवं एसडीआरएफ द्वारा उक्त वृद्ध यात्री को रेस्क्यू कर उपचार हेतु अस्पताल पहुंचाया गया। उधर राडी टॉप स्थान पर ढाबे पर छूटे पर्स जिसमें नगदी के साथ अन्य दस्तावेज थे को श्रद्धालु को खोजकर उसके सुपुर्द किया गया। गंगोत्री धाम की यात्रा पर महिला श्रद्धालु की चैन खो गई। आपदा स्वयंसेवक राजेश रावत द्वारा महिला कुंड के पास खोजबीन कर वापस यात्री को लौटाया गया। श्रद्धालुओं द्वारा चारधाम यात्रा से जुड़े कर्मियों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
अपनत्व अभियान से यात्रियों को हो रही है सुविधा
रुद्रप्रयाग में चारधाम यात्रा पर आये श्रद्धालुओं की मदद हेतु मिशन अपनत्व अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के जरिए बिछुड़े हुए श्रद्धालुओं को उनके परिजनों से मिलवाये जाने, बुजुर्ग, बीमार व असहाय श्रद्धालुओं को सहारा देकर मंदिर दर्शन कराए जाने, खोए हुए सामान को ढूढ़कर लोगों तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है।
