बागेश्वर बारात में फूड पॉयजनिंग मामले में तीन की मौत के बाद जागा सिस्टम

दीपक फुलेरा

बागेश्वर– बीते बृहस्पतिवार को बागेश्वर के बास्ती गांव में शादी में भोजन करने के बाद बीमार हुए लगभग तीन सौ लोगों के इलाज को तीन जिलों का जिला प्रशासन अलर्ट पर आ गया है। विषाक्त भोजन के बाद जंहा तीन मरीजो की अभी तक मौत हो चुकी है। वही मरीजों की भारी तादात गम्भीर व गम्भीर हालत को देखते हुए देहरादून से हेलीकॉप्टर द्वारा चिकित्सको का दल भी पहुँच चुका है।

हम आपको बता की बृहस्पतिवार को बागेश्वर के बास्ती गांव में गडेरा गांव निवासी हरीश सिंह गढ़िया के पुत्र नन्दन की शादी गई हुई थी जिसमे भोजन उपरांत ग्रामीणों की अचानक उल्टी दस्त की शिकायतें के बाद तबियत खराब होने लगी। देखते ही देखते मरीजों का आंकड़ा आंकड़ा 300 के करीब पहुँच चुका है। प्रशासन द्वारा मरीजो को बागेश्वर,कांडा, बेरीनाग,अल्मोड़ा व हल्द्वानी के अस्पतालों में मरीजो को पहुँचा दिया गया है। गम्भीर मरीजों की हालत को देखते हुए अब शासन द्वारा उन्हें दो हेलीकॉप्टर द्वारा हायर सेंटर में इलाज के लिए भेजने की कवायत भी की जा रही है। फिलहाल अभी तक पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग अस्पताल में भर्ती एक छ वर्षीय बच्चे पीयूष व हल्द्वानी इलाज को लाते समय पांच साल की मीनाक्षी व एक 30 वर्षीय महिला नंदी देवी की मौत हो चुकी है।फूड पॉयजनिग में बागेश्वर जिले के बास्ती ,गडेरा,थुमा व सनगाढ़ गांव के ग्रामीण सबसे ज्यादा प्रभावित हुए है। वही फूड पॉयजनिग से मरीजों की भारी तादात को देखते हुए शासन ने स्वास्थ्य महकमे को बागेश्वर,अल्मोड़ा व पिथौरागढ़ के अस्पतालों में भर्ती मरीजो को बेहतर इलाज कराने के निर्देश भी दिए है। जबकि गंभीर अवस्था के मरीजो को हल्द्वानी भी लाया जा रहा है।जबकि इस बारात में खाना खाने से कपकोट के पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण भी खुद फूड पॉयजनिग का शिकार हो गए थे। जिन्हें हालात खराब होने पर अल्मोड़ा जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। जंहा पर अब उनकी हालत में सुधार है।

वही इस मामले में कपकोट के विधायक बलवंत सिंह भौर्याल खुद मरीजो के बेहतर इलाज दिलवाए जाने को लेकर स्वास्थ्य व शासन से सम्पर्क बनाये हुए है। फिलहाल स्वास्थ्य महकमे द्वारा विषाक्त भोजन की जांच को बास्ती गांव में टीम भेज कर फूड पॉयजनिग के कारणों का पता लगाया जा रहा है। लेकिन फूड पॉयजनिग में इतनी बड़ी मात्रा में लोगो के बीमार होने के बाद पहाड़ के अस्पतालों की स्वास्थ्य व्यवस्था की भी पोल खुल कर सामने आ गई है। कि बड़ी त्रासदी होने पर यह अस्पताल मात्र शो पीस ही बनकर रह जाते है।क्योंकि बागेश्वर में फूड पॉयजनिग की इस घटना के बाद बागेश्वर के अलावा पिथौरागढ़ व अल्मोड़ा जिलों के अस्पतालों को भी अलर्ट पर आना पड़ा। फिलहाल इस घटना के बाद प्रदेश सरकार को पर्वतीय जिलों की स्वास्थ्य व्यवस्था को इतना सुदृढ बनाने की आवश्यकता है कि वो ऐसे हालातो में पहाड़ की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा दे सके।