मुख्यमंत्री धामी ने बहनों की रक्षा का लिया संकल्प, बंधवाई राखी

दी टॉप टेन न्यूज़ खटीमा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने विधानसभा क्षेत्र में रक्षा बंधन का पर्व मनाया। भाजपा महिला मोर्चा की ओर से आयोजित इस रक्षा बंधन पर्व में भारी संख्या में उमड़ी मातृ शक्ति ने धामी को राखा बांधी। धामी ने भी मात्र शक्ति की रक्षा का संकल्प दोहराते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार ने महिलाओं की समृद्धि के लिए पुरस्कार स्वरूप तमाम योजनाएं कर रखी हैं। इसके अलावा जल्द कई योजनाओं पर विचार कर रहे हैं।

पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ क्षेत्रीय विधायक भी हैं। वह अपने दो दिवसीय दौरे पर बुधवार को खटीमा पहुंचे थे। पहले दिन उन्होंने कार्यकर्ताओं और अधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठक कर शासन की मंशा से अवगत कराया। कार्यकर्ताओं का जहां चुनावी रणनीति की जिम्मेदारियां सौंपी तो अफसरों को जन समस्याओं की पहरेदारी का जिम्मा सौंपा था। इसके आलवा देर रात तक जनता से मिलने का कार्यक्रम रहा।

गुरुवार को भाजपा महिला मोर्चा की ओर से सर्राफ पब्लिक स्कूल सभागार में आयोजित रक्षा बंधन मिलन समारोह में सीएम पुष्कर सिंह धामी पत्नी गीता पुष्कर धामी के साथ पहुंचे। दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। विभिन्न संगठन की महिलाओं ने फूल मलाओं से स्वागत किया। स्कूल की शिक्षिकाओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किए।
भारी संख्या में उमड़ी मातृ शक्ति ने मुख्यमंत्री को राखी बांधकर सरकार द्वारा महिलाओं के उत्थान की कामना की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सभी महिलाओं को रक्षा बंधन पर्व की बधाई शुभकामना देते हुए उपहार भेंट किए। कहा कि आपका स्नेह जो मुझे मिल रहा है उससे मुझे प्रदेश के चहुमुखी विकास के लिए एक सकारात्मक ऊर्जा मिल रही है। देश में साठ वर्षों तक कांग्रेस ने शासन किया लेकिन माता-बहनों के लिए चिंता नहीं की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के जीवन में सुधार को कई योजनाएं संचालित हैं। जिसमें उज्जवला गैस, शौचालय, महिला स्वयं सहायता समूह, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना, सुरक्षित मातृत्व आश्वासन सुमन योजना, समर्थ योजना आदि शामिल हैं। उन्होंने कहा रक्षा बंधन पर्व पर माताओं-बहनों के लिए उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में यात्रा पूर्ण रूप से नि:शुल्क रहेगी। 10-12 के छात्र-छात्राओं को सरकार द्वारा मोबाइल टेब दिया जाएगा। जिनसे वह उनकी शिक्षा में और सुधार होगा।

उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड की पहली सरकार ऐसे है जिसने अपने पौने पांच साल के कार्यकाल में महिलाओं की समृद्धि और उनको आत्मनिर्भर बनाने के लिए सर्वाधिक योजनाएं लांच की हैं। उन्होंने आजीविका मिशन योजना के तहत 119 करोड़ का पैकेज देकर स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को मजबूती प्रदान करने के लिए बड़ी राहत दी है। उन्होंने महिलाओं से कहा कि अगर और भी समस्याएं तो वह सीधे उनसे अथवा प्रतिनिधि के माध्यम से अपनी बात रख सकती हैं। इसके अलावा समस्याओं के लिए अधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी दे दी है। अगर अधिकारी के स्तर पर कोई दिक्कत आती है तो तत्काल इसकी शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने मातृ शक्ति को अपनी भी जिम्मेदारी सौंपते हुए कहा कि आज आपका बेटा आपका भाई प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी है ऐसे में अब ऐसे में खटीमा विधानसभा ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश की रक्षा सुरक्षा और उनकी समृद्धि की जिम्मेदारी आ गई है। ऐसे में मातृशक्ति का भी दायित्व बनता है कि वह उनके क्षेत्र में उनकी कल्याणकारी योजनाओं की चर्चा कर बताएं लाभ उठाएं और दिलवाएं। वह देहरादून में हैं लेकिन उनकी पूरी नजर खटीमा विधानसभा की हर कोने हर व्यक्ति तक है। वह वक्त उपलब्ध रहेंगे। इधर महिलाओं ने भी उनका जोरदार अभिनंदन किया और उन्हें अपना शुभआषीश दिया। बहनों ने भी 2022 में भी पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम की संयोजिका प्रदेश महामंत्री मोहनी पोखरिया ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए महिलाओं का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन अंजू भट्ट व पूनम राणा ने किया। इस मौके पर नगर मंडल अध्यक्ष धाना भंडारी, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष भावना मनोला, सरोज कुशवाहा, विमला मुडेला, कुमाऊं सह संयोजिका नीता सक्सेना, सभासद विमला मुडेला, जिलामंत्री सावित्री कन्याल, जानकी पांडे, लीला बोरा, लीलावती राणा, दीपा सामंत, हेमा परिहार, रेनू भंडारी आदि महिलाएं शामिल रहीं।

*आधी आबादी ने भी दिखाया दम*

जब पिछली बार मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार खटीमा आए थे तो शक्ति प्रदर्शन से विपक्ष के खेमें में हलचल मच गई थी। यही वजह है कि विपक्षी दल जहां सीमांत के उपेक्षातमक रवैये को लेकर भाजपा को घेरने की योजना बना रहे थे ऐसे में भाजपा के द्वारा सीमांत के ही विधायक को मुख्यमंत्री बना देने से पूरे सीमांत में केसरिया की लहर दौड़ पड़ी। ऐसे में विपक्षी दलों के राजनैतिक पंडि़त भी चिंतित दिखाई देने लगे और 2022 की चुनावी रणनीति पर फर्क दिखने लगा। इसी मंशा के तहत 3 सितंबर से यहां से यात्राएं शुरू करने जा रहे है। जिसमें प्रदेश भर के दिग्गज खटीमा जुटेंगे। मुख्यमंत्री के गढ़ में सेंधमारी का प्रयास उनकी मंशा रहेगी उससे पहले ही मुख्यमंत्री धामी ने रक्षा बंधन के कार्यक्रम से यह साबित कर दिया उनका ही बर्चस्व है।