माननीयों को पुलिस ने होटल से पकड़ बेरंग चमोली भेजा
दी टॉप टेन न्यूज़(पिथौरागढ़)- पंचायत चुनाव के परिणामों के बाद ब्लॉक प्रमुख व जिला पंचायत अध्यक्ष सीट पर काबिज होने के लिए संभावित दावेदार जहां पंचायत सदस्यों को अपने पक्ष में करने के जुगाड में लगे है। वहीं कई नवनिर्वाचित प्रतिनिधि ऐसे भी है जो निर्वाचन आयोग की गाइड लाइन को दरकिनार कर अपने अपने जिलों से बाहर बीना किसी सूचना के सैर पर निकल चुके है। ऐसे ही चमोली जिले के 31 पंचायत प्रतिनिधि पिथौरागढ़ जिले के धारचूला के एक होटल में स्थानीय पुलिस को मिले हैं। होटल में पाए गए सभी जिला और क्षेत्र पंचायत सदस्य छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक होटल से बरामद किए है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने पाया कि 31 लोग बिना पहचान पत्र के होटल में पहले से रूके हैं। जब इनकी जांच की गई तो पता चला कि ये सभी चमोली जिले के पंचायत प्रतिनिधि हैं। पुलिस ने बिना पहचान पत्र के ठहराने के आरोप में पुलिस ने होटल स्वामी का चालान काटा है। साथ ही पुलिस ने सभी पंचायत प्रतिनिधियों को अपने जिले में जाने के निर्देश दिए हैं। किसी भी पंचायत सदस्य ने अपहरण और खरीद फरोख्त से इंकार किया है। लेकिन सवाल ये है कि आखिर चमोली से 4 सौ किलोमीटर दूर ये पंचायत प्रतिनिधि धारचूला में क्या कर रहे थे? धारचूला नेपाल और चीन सीमा से सटा है। राज्य निर्वाचन आयोग के साफ निर्देश हैं कि कोई भी पंचायत सदस्य बिना जिला निर्वाचन अधिकारी को सूचित किए जिला नही छोड़ेगा। बावजूद इसके आयोग के निर्देशों की सरेआम धज्जियां उड़ रही हैं।
