माया जोशी निर्विरोध बनी प्रधान,लगातार दूसरी बार ताजपोशी

पहले कार्यकाल में ईमानदारी से किये विकास कार्यो पर ग्रामीणों ने जताया भरोसा

दी टॉप टेन न्यूज़(खटीमा)- पूरे प्रदेश में इन दिनों गांव की सरकार बनाने की कवायत चल रही है। लेकिन इस चुनावी समर में कई ऐसे प्रत्यासी भी है जिन्होंने लोकतंत्र के इस चुनावी युद्ध मे उतरने से पहले ही अपनी ताजपोशी करवा ली है। हम ऐसे ही एक शशक्त महिला माया जोशी से आपको रूबरू करा रहे है जिन्होंने खटीमा विकास खण्ड के नंदन्ना ग्राम सभा से निर्विरोध ग्राम प्रधान बनने का करिश्मा दोहराया है।
श्रीमती माया जोशी जंहा अपने शिक्षक पति पूरन चन्द्र जोशी की प्रेरणा से पिछले पंचायत चुनाव में प्रधान चुनाव में चुनावी मैदान में खड़ी हुई थी। एक ग्रहणी से वह अपने गांव की ग्राम प्रधान बनने में सफल भी रही। वही पिछले पांच सालों में उन्होंने जिस तरह एक शिक्षित,जागरूक व ईमानदार जन प्रतिनिधि के तौर पर अपने गांव का विकास किया जन जन की समस्या हो बेहद शानदार तरीके से सुलझाया।साथ ही एक जागरूक प्रधान के तौर पर अपनी छवि पूरे विकास खण्ड में बनाई। वह इस बार नंदन्ना ग्राम सभा की जनता के दिलो पर वास कर गई। 
इसलिए एक बार फिर प्रधान पद पर जरनल सीट होने के बावजूद उन्होंने एक महिला प्रत्यासी के तौर पर अपनी दावेदारी प्रस्तुत की। लेकिन माया जोशी के प्रथम कार्यकाल के बेहतरीन कार्य व जागरूक जनप्रतिनिधि के तौर पर खुद को प्रस्तुत कर पाने में सफल रहने पर गांव की जनता ने उन्हें एक बार फिर से निर्विरोध ग्राम प्रधान बनाने की ठानी। गांव वालों की भावनाओ की कद्र करते हुए उनके खिलाफ खड़े प्रत्यासियो ने भी माया जोशी के समर्थन में अपने अपने नामांकन वापस ले लिए। जिसके चलते श्रीमती माया जोशी एक बार फिर से प्रधान बनने में सफल रही है।
 हालांकि निर्विरोध प्रधान बनी माया जोशी अपने क्षेत्र की जनता का जंहा आभार करना नही भूली है। वही अपनी जिम्मेदारियों को ओर ज्यादा मानकर कर इस बार ओर बेहतर तरीके से गांव के विकास का वादा कर रही है। जबकि माया जोशी के पति पूरन जोशी अपनी पत्नी के प्रथम प्रधान कार्यकाल से स्वयं प्रभावित होकर दोबारा भी स्वयं मैदान में ना उतर अपनी पत्नी को ही प्रधान पद के लिए मैदान में खड़ा किया।वही जनता के प्यार से दोबारा माया जोशी के निर्विरोध प्रधान बनने पर नंदन्ना गांव को पूरे विकास खण्ड में इस बार प्रधान माया जोशी द्वारा आदर्श गांव बनाने की मुहिम पर कार्य करने की बात कह रहे है।