डबल इंजन की सरकार में चमत्कार ही चमत्कार

अजब चमत्कारों पर छोटा सा कटाक्ष

देहरादून-  उत्तराखंड की जनता को यह जानकर बेहद हर्ष होगा कि सरकार पूर्व मुख्यमंत्रियों को सुविधाएं देने का अध्यादेश ले आई और अब विधेयक मंजूरी के लिए राजभवन जाएगा। जी हां यह कारनामा प्रदेश सरकार ने 13 अगस्त को गुपचुप तरीके से मंत्रिमंडल की बैठक में कर दिखाया है। वैसे कारनामे करने में त्रिवेंद्र सरकार कहां पीछे है
कभी भांग की खेती वाला विधेयक राजभवन भेजती है  तो कभी अतिक्रमणकारियों  के लिए अध्यादेश ले आती है, तो कभी उत्तराखंड सरकार की केबिनेट प्राइवेट कॉलेजों को मनमानी फीस बढ़ाने की छूट देती है। अब इस बढ़ोतरी में  मिली छूट का फायदा तो राजधानी स्थित मेडिकल कॉलेज बखूबी उठाना जानते हैं। गौरतलब है कि फीस बढ़ाने में छूट मिलने के बाद उत्तराखंड में मेडिकल की पढ़ाई बेतहाशा महंगी हो गई है। अब जनता कहती है पहाड़ पर डॉक्टर नहीं,  अरे भाई डॉक्टर बनाएंगे तभी ना  पहाड़ चढ़ाएंगे।

बताओ जरा उत्तराखंड सरकार नए-नए कांड करती आ रही है हमारे प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल है तो क्या हुआ हमारे राजधानी का दून मेडिकल कॉलेज सिर्फ दो आईसीयू बेड के सहारे चल रहा है। स्वास्थ्य के लिए बजट नहीं है तो मुखिया क्या करें यहां तो आपको राह चलते कुत्ता काट ले तो रेबीज इंजेक्शन भी नहीं मिलते आप बात करते हैं आईसीयू  बेड की। भाई यहां तो विधायक हॉस्टल और सचिवालय तक में डेंगू का लारवा मिल रहे हैं अब सोच रहे हैं दून मेडिकल में डेंगू वार्ड बढ़ा लिए जाए।
भले ही उत्तराखंड पलायन व बेरोजगारी के मामले में नंबर वन हो तब भी साल 2019 रोजगार वर्ष के रूप में मनाया ही जाएगा ना। वैसे हमारे प्रदेश में मुखिया इतने बुरे भी नहीं रहे अपनी जनता के लिए डेनिस और हिलटॉप जूस का इंतजाम कर ही देते हैं, तो समझो हो गया रोजगार भी और आनंद भी ,अब बेचारी सरकार इससे ज्यादा कर भी क्या सकती है भला।

भाई जी सरकार जनमुद्दों पर भले ही अभी तक सुस्त नजर आई हो लेकर पूर्व मुख्यमंत्रियों की सुविधाएं बहाल करने में सरकार की बिजली से तेजी से माननीय हाईकोर्ट भी हैरान है।माननीयो की सुविधाएं, भत्ते हो या सेलरी सब को जनहित में सरकार दुगनी करने में चमत्कार पहले से ही करती रही है। अपनी सरकार के चमत्कार से प्रभावित होकर तो मोदी जी भी बार बार उत्तराखण्ड आने से खुद को नही रोक पा रहे है। अब देखो सरकार की ख्याति इतनी विश्व विख्यात हो चुकी की बियर ग्रिल्स को भी चमत्कारी सरकार के जंगलों की खाक छाननी ही पड़ी। हमने तो सुना है कॉर्बेट के जानवरों ने भी सूबे की सरकार की तारीफ करनी पड़ी।

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हिलटॉप से रोजगार हो या प्रदेश के फल फूलों को शराब निर्माण में खफा प्रदेश के पर्वतीय किसान को सम्रद्ध करने की सरकार की योजना। इन चमत्कारी योजनाओं पर ऑक्सफोर्ड भी  रिसर्च करवा सकता भैजी।चलो इस बात का शुकन तो देवभूमि की जनता को है ही ,भले ही प्रदेश में रोजगार हो या ना हो,पलायन रुके ना रुके,स्वास्थ्य सुविधाएं भगवान भरोसे हो, लेकिन मुखिया व सरकार के चमत्कार पर तो गर्व कर ही सकते है ना भैजी सब मिल के