देवभूमि में भी तीन तलाक व हलाला पर मुकदमा हुआ दर्ज

नानकमत्ता( उधम सिंह नगर)  देवभूमि की धार्मिक नगरी नानकमत्ता में मुस्लिम महिला से तीन तलाक व उसके बाद  हलाला के लिए शौहर द्वारा दबाव बनाए जाने की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। पीड़िता की शिकायत पर उधम सिंह नगर जिले की नानकमत्ता पुलिस ने पीड़ित के शौहर के खिलाफ 3/4 मुस्लिम महिला विवाह सुरक्षा अधिनियम 2016 के तहत मामला दर्ज किया है। वही पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है।

इस पूरे प्रकरण में उधम सिंह नगर जिले की नानकमत्ता उप तहसील में तीन तलाक के बाद पति पत्नी में सुलह होने पर पत्नी पर हलाला के लिए दबाव बनाने का मामला सामने आया है। पीड़ित महिला ने अपने ऊपर पति द्वारा हलाला किये जाने का दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए नानकमत्ता थाने में मुकदमा दर्ज करा पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। पहले तीन तलाक फिर हलाला के लिए दबाव की इस पूरी कहानी में अक्टूबर 2018 को नानकमत्ता के डियूड़ी गांव निवासी अतीक अहमद ने कहासुनी होने पर अपनी पत्नी रवीना को तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया था। पीड़ित महिला रवीना सितारगंज के बघोरी गांव की निवासी है। जिसका 2 अक्टूबर 2016 को मुस्लिम रीति रिवाज के साथ विवाह नानकमत्ता के डियूड़ी गांव निवासी अतीक अहमद के साथ हुआ था। वही महिला का आरोप है कि घर से निकाले जाने के बाद उसने सितारगंज कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज कराया था। जिसके बाद उसके शौहर ने उसे अपने साथ रखने के लिए रजामंद कर खटीमा कोर्ट में अपने पक्ष में बयान भी करा लिए थे। वही जब अपने साथ  ससुराल में उसे रखने की बात आई तो शौहर पहले हलाला किये जाने की जिद पर अड़ गए।वही लगातार पति द्वारा हलाला का उस पर दबाव बनाया गया।लेकिन रवीना हलाला नही करना चाहती है।जिससे नाराज होकर रवीना के शौहर ने  हलाला नही करने पर दूसरी शादी भी कर ली। वही अब पीड़ित मुस्लिम महिला ने  द्वारा नानकमत्ता कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है।साथ ही रवीना अब नानकमत्ता पुलिस से न्याय की गुहार लगा रही है।

तीन तलाल व हलाला पर दबाव बनाए जाने का मामला सामने आने पर पुलिस क्षेत्राधिकारी कमला बिष्ट व नानकमत्ता थाने के एसओ दौलत राम वर्मा ने  जंहा पीड़ित महिला की शिकायत को गम्भीरता के साथ लिया है। साथ ही  पीड़ित महिला रवीना की तहरीर पर 3/4  मुस्लिम महिला विवाह सुरक्षा अधिनियम 2016 के तहत मुकदमा भी दर्ज कर लिया है।पुलिस द्वारा पीड़ित महिला को न्याय दिलाये जाने हेतु मामले की जांच शुरू कर वैधानिक कार्यवाही अमल में लाई जा रही है।फिलहाल मोदी सरकार के तीन तलाक पर कानून बनाये जाने के बाद अब अपने उत्पीड़न पर मुस्लिम महिलाएं न्याय को लेकर मुखर हो सामने आने लगी है।जो कि मुस्लिम समाज की महिलाओं की सामाजिक व कानूनी सुरक्षा हेतु नितांत आवश्यक भी है।