बच्चों में नवाचार व खोज आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए दून यूनिवर्सिटी में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

दी टॉप टेन न्यूज़ देहरादून

देहरादून:राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद्, उत्तराखंड एवं भारतीय विज्ञान एवं शिक्षा अनुसंधान संस्थान पुणे द्वारा STEM के तकनीकों एवं नवीनतम शैक्षणिक उपकरणों का उपयोग कर विद्यार्थियों में गणित एवं विज्ञान की अभिरुचि विकसित करने के उद्देश्य से राज्य के विज्ञान एवं गणित शिक्षकों को iRISE (Inspiring India In Research Innovation In STEM Education) कार्यक्रम अन्तर्गत दून यूनिवर्सिटी में तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है ।

यह प्रशिक्षण राज्य के सभी जिले के शिक्षकों को चरणबद्ध तरीके से दिया जाएगा। Teacher Development Strand (TDS) जिसके अन्तर्गत शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाता है। इस परियोजना को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग – भारत सरकार, रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री, ब्रिटिश काउंसिल, और टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से कार्यान्वित किया जा रहा है ।

उक्त कार्यक्रम का उद्देश्य है शिक्षकों और छात्रों में नवाचार और रचनात्मकता को बढ़ाना है । इस कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य के विद्यार्थियों का इंस्पायर अवार्ड्स – मानक में भी ज्यादा से ज्यादा नामांकन कराना है जो कि देश के बच्चों को नवाचार में बढ़ावा देने के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार की एक योजना है । प्रशिक्षण में रटने की जगह समझने की प्रवृति को प्राथमिकता दी गई है वहीं बच्चों को आस -पास के परिवेश से जोड़कर दैनिक जीवन की घटनाओं का उदाहरण देकर विज्ञान और गणित की शिक्षा देने की बात कही गई है । पूछताछ और गतिविधि- आधारित तथा विज्ञान एवं गणित को अन्तर्विषयक बना कर बच्चों तक पहुँचाया जा रहा है।

हम आपको बता दे कि महाराष्ट्र और बिहार के बाद उत्तराखंड तीसरा राज्य है जहां इस कार्यक्रम की शुरुआत की गई है. आईआरएसई कार्यक्रम के विभिन्न चरण हैं जिसमें प्रथम चरण में राज्य के कुछ शिक्षकों को 3 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा । तत्पश्चात प्रथम चरण में प्रशिक्षित शिक्षकों में से कुछ शिक्षकों का चयन उनके कक्षा में की गयी गतिविधियों के आधार पर किया जाएगा जो दूसरे चरण के तहत 10 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण भारतीय विज्ञान एवं शिक्षा अनुसंधान संस्थान पुणे में प्राप्त करेंगे । 10 दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शिक्षकों को Innovation Champion (IC) के नाम से जाना जाएगा एवं उसके बाद तीसरा चरण शुरू होगा जिसमे सभी Innovation Champions (ICs) IISER Pune की मदद से अपने संबन्धित जिले में कैसकेड कार्यशाला का आयोजन करेंगे । इस कार्यक्रम के तहत सभी विद्यालयों को एक किट भी उपलब्ध कराया जाएगा जो विद्यालय में गतिविधि कराने हेतु शिक्षकों के लिए काफी मददगार साबित होगा ।
इसी क्रम में पौड़ी उत्तरकाशी उधम सिंह नगर पिथौरागढ़ चमोली जनपद एवं रुद्रप्रयाग जनपद के 45 शिक्षकों का देहरादून की दून यूनिवर्सिटी में 19 से 21 दिसंबर तक प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के उद्घाटन सत्र में एनसीईआरटी के संयुक्त निदेशक आशा पैन्यूली ने कहा कि यह प्रशिक्षण गणित विज्ञान शिक्षण को एक नवीन आयाम देगा। इस अवसर पर संयुक्त निदेशक कंचन देवरानी ने कहा कि महिलाओं को भी प्रशिक्षण में बढ़ चढ़कर भाग लेना चाहिए उनमें किसी प्रकार का संकोच नहीं होना चाहिए। एस0सी0ई0आर0टी0 के सहायक निदेशक डॉ के के बिजल्वाण ने कहा कि यह कार्यक्रम नई शिक्षा नीति की सिफारिशों के अनुकूल है और इसको राज्य में विस्तार देने हेतु संपूर्ण प्रयास किए जाएंगे । उद्घाटन सत्र का संचालन करते हुए कार्यक्रम के राज्य समन्वयक डॉ अवनीश उनियाल ने कहा कि स्टेम एजुकेशन आज के वक्त की आवश्यकता है,इसके माध्यम से विद्यार्थी गणित व विज्ञान के जटिल सिद्धांतों को बहुत आसानी से सीख सकते हैं । यह कार्यक्रम प्रदेश के लगभग एक लाख बच्चों को लाभान्वित करेगा। इस अवसर पर IISER पुणे के विशेषज्ञ शिवानी ,संकेत,अक्षय ,अपर्णा रोहित सहित दून यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अरुण कुमार,डॉ प्राची एवं डॉ सुनीत नैथानी उपस्थित रहे।

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