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कोटद्वार : माता-पिता विहीन बच्चों की शिक्षा में आर्थिक बाधा न आए, इसके लिए उत्तराखंड लोक साहित्य एवं सांस्कृतिक ट्रस्ट ने मदद का हाथ बढ़ाया है। ट्रस्ट की ओर से दुगड्डा, जयहरीखाल, द्वारीखाल और यमकेश्वर के विभिन्न विद्यालयों में अध्ययनरत 45 बच्चों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई। इस दौरान अन्य सामाजिक संस्थाओं से भी जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में सहयोग करने की अपील की गई।
देवी रोड स्थित एमकेवीएन स्कूल में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल, विशिष्ट अतिथि एससीईआरटी के अपर शिक्षा निदेशक प्रदीप रावत, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल बुद्धिवल्लभ ध्यानी, संस्था अध्यक्ष प्रकाश चंद्र कोठारी, कोषाध्यक्ष सेवानिवृत्त कैप्टन पीएल खंतवाल और संरक्षक शिवदयाल बौंठियाल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी समाज के हर व्यक्ति की है। आर्थिक अभाव के कारण किसी भी बच्चे की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट ने माता-पिता विहीन बच्चों की शिक्षा और अन्य जरूरतों में यथासंभव सहयोग करने का संकल्प लिया है। इस दौरान संस्था के प्रेरणास्रोत स्वर्गीय सत्यप्रकाश थपलियाल के योगदान को भी याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि जरूरतमंद बच्चों की मदद के लिए सत्यप्रकाश थपलियाल ने जो योगदान दिया, उसे भुलाया नहीं जा सकता। उनके प्रयास समाज को सेवा और सहयोग की प्रेरणा देते रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान डू समथिंग सोसाइटी ने भी 21 बच्चों को छात्रवृत्ति देने की जिम्मेदारी उठाई। वहीं, कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल बुद्धिवल्लभ ध्यानी ने व्यक्तिगत रूप से 10 बच्चों को छात्रवृत्ति प्रदान करने की घोषणा की। इन पहलों से जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा को निरंतर जारी रखने में मदद मिलने की उम्मीद है। इस मौके पर आरके जोशी, सत्य नारायण नौटियाल, शशि अमोली, सुनील नवानी, आचार्य राकेश लखेड़ा, दीपक कुकरेती, रेखा नेगी, शंकर दत्त गौर, सुदर्शन बिष्ट, रिपुदमन सिंह बिष्ट, मंजू कपरवाण और आरपी पंत सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

