शारीरिक शिक्षकों की भर्ती न करने के मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब

 

दी टॉप टेन न्यूज़ देहरादून

देहरादून: बीपीएड एमपीएड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष जगदीश पांडे द्वारा उच्च न्यायालय नैनीताल में रिट याचिका दायर कर प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व इंटरमीडिएट की कक्षाओं के लिए शारीरिक शिक्षा को नई शिक्षा नीति 2020 एवं राज्य सरकार द्वारा जारी शासनादेशों के अनुपालन में अनिवार्य विषय के रूप में लागू करने की मांग की गई है जिस पर मामले को सुनने के बाद न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकल पीठ द्वारा राज्य सरकार से मामले में 4 हफ्ते में जवाब देने को कहा गया है।

याचिका कर्ता का कहना है कि राज्य सरकार केवल हाई स्कूल स्तर में कक्षा 9 वी कक्षा 10 के लिए ही शारीरिक शिक्षकों के पदों पर विज्ञप्ति जारी करती है और उन्हीं शिक्षकों से अन्य कक्षाओं में भी शिक्षण कार्य कराया जाता है जबकि प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, हाई स्कूल व इंटरमीडिएट की कक्षाओं के लिए शारीरिक शिक्षकों के पदों को भरने के लिए अलग-अलग अहर्ताएं हैं इसके बावजूद भी राज्य सरकार प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व इंटरमीडिएट की कक्षाओं के लिए शारीरिक शिक्षकों के पदों को भरने हेतु विज्ञप्ति जारी नहीं करती है जबकि नई शिक्षा नीति 2020 के अनुसार सभी कक्षाओं के लिए शारीरिक शिक्षा को अनिवार्य विषय के रूप में लागू करने को कहा गया है.वहीं उत्तराखंड राज्य देश का पहला ऐसा राज्य है जिसके द्वारा सर्वप्रथम नई शिक्षा नीति 2020 को प्रदेश में लागू किया गया है इसके बाद भी इस विषय पर राज्य सरकार कोई कदम नहीं उठा रही है।

इस मामले में अधिवक्ता हेमंत सिंह माहरा वह केतन जोशी द्वारा माननीय न्यायालय में याचिका कर्ता की ओर से पैरवी की गई अब इस मामले में अगली सुनवाई 18 मार्च 2024 को होगी तब तक राज्य सरकार को अपना जवाब कोर्ट में दाखिल करना अनिवार्य होगा।