राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने ज़िला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर महिलाओं से संबंधित योजनाओं के लिए गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए

 

दी टॉप टेन न्यूज़ देहरादून

अल्मोड़ा -राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ज्योति शाह मिश्रा ने विकास भवन सभागार में ज़िला स्तरीय अधिकारियों की बैठक कर सभी विभागों से आपसी समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में कुछ विभाग के अधिकारी मौजूद नहीं थे जिस पर उन्होंने नाराजगी जताई तथा मुख्य विकास अधिकारी से सभी अनुपस्थित अधिकारियों पर उचित कार्रवाई करने को कहा गया। वही उन्होंने मेडिकल कॉलेज में पानी के अभाव में प्रसूता को रेफर करने के मामले को गंभीरता से लेते हुए ऐसे लापरवाह चिकित्सकों की काउंसलिंग करने तथा संबंधितों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस महिला सेल और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट सेल से महिला संबंधी अपराधों की जानकारी ली। उन्होंने सभी स्कूल, कॉलेज और ग्रामीण स्तर पर ग्रामीणों को गौरा शक्ति एप की जानकारी देने के साथ ही जागरूकता अभियान चलाने को कहा। उन्होंने कहा कि गौरा शक्ति ऐप के जरिए महिलाएं अपनी सुरक्षा खुद सुनिश्चित कर सकती हैं। इसलिए हर महिला को इसके प्रति जागरूक होना चाहिए। उन्होंने सभी विभागों से समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए।

महिला आयोग के उपाध्यक्ष ज्योति शाह मिश्रा ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से कहा कि चिकित्सक मरीजों व तीमारदारों के साथ अच्छा व्यवहार रखे। चिकित्सक अनावश्यक रूप से बाहर से दवाई ना लिखें। इसका कड़ाई से पालन हो।उन्होंने कहा कि लापरवाह चिकित्सकों की काउंसलिंग भी करवाई जाए। उन्होंने मातृशक्ति योजना के तहत समय-समय पर मिलने वाले पोषाहार का निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपने कार्यालयों के बाहर हेल्पलाइन नंबर चस्पा करें। उन्होंने पर्यटन, उद्योग विभाग और ग्राम विकास विभाग को महिला सशक्तिकरण योजनाओं को धरातल में उतारने के लिए कार्य योजना तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कहा कि समय-समय पर बैठकें कर इस पर जानकारी ली जाएगी।
बैठक के दौरान उन्होंने मीडिया से वार्ता में कहा कि महिलाओं से संदर्भित सरकार द्वारार जो योजनाएं संचालित की जा रही हैं जमीनी स्तर पर कैसे पहुंच सके इस पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि कोई भी योजना धरातल पर तभी पहुंच सकती है, जब विभगीय आधिकारियों कर्मचारियों में तालमेल होगा। उन्होंने सभी योजनाओं को जिम्मेदारी से कार्य करने की बात कही।
उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस विभाग द्वारा “गौरा शक्ति”एप शुरु किया गया है, जिसकी शुरुआत मुख्यमंत्री द्वारा की गई है। यह एप विशेष कर महिला सुरक्षा को लेकर है इसमें 15_15 महिलाओं की टीम बनाकर जोड़ते जाना ताकि आम जानता तक इस योजना का लाभ पहुंचाया जा सके।
बैठक के बाद वह जिला कारागार गई। वहां जेल में बंद कैदियों से मुलाकात कर उनका हाल जाना।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अंशुल सिंह, डीडीओ केएन तिवारी डीपीओ पितांबर प्रसाद सहित कई विभागीय अधिकारी मौजूद थे।