जानिए साहित्य के लिए तीलूरौतेली पुरस्कार से सम्मानित डॉ शशि जोशी का साहित्यिक सफ़र

 

दी टॉप टेन न्यूज़ देहरादून

आज हम आपको मिलवाने जा रहे है हाल ही मे साहित्य के लिए तीलू रौतेली सम्मान पाने वाली डॉ शशि जोशी “शशी से
जिनका जन्म 1975 में स्व. दुर्गा जोशी और स्व. मनोहर दत्त जोशी के घर मे हुआ था,बचपन से ही अपनी उम्र की बालिकाओं से कुछ अलग दिखाई देने वाली शशि जोशी को देखकर कोई भी अंदाजा लगा सकता था की बालिका भीड़ से कुछ अलग दिखाई देती हैं और बेहद प्रतिभाशाली है।
अपनी स्कूली शिक्षा के दौरान ही शशि को साहित्य के प्रति लगाव महसूस होने लगा था,इस विषय पर शशि कहती है की जब मैं साहित्यक रचनाओं को पढ़ती तो मुझे लगता था जब ये सब लोग लिख सकते है तो फिर मैं क्योँ नही लिख सकती हूं।
वह बताती है की बचपन के पाठ और कुछ कविताएं तो ऐसी है जो मुझे आज भी कंठस्थ है।शशि का यही शौक उन्हें लेखन की और ले गया और अब तक उनकी लगभग 400 रचनाएं प्रकाशित हो चुकी है।

डॉ शशि की शिक्षा और प्रकाशित रचनाएं

शिक्षा – एम.ए.हिंदी,राजनीति शास्त्र,शिक्षा शास्त्र ,बी. एड.,पी.एच – डी
व्यवसाय -शासकीय सेवा (एल.टी.हिंदी)
प्रकाशित रचनाओं की संख्या – लगभग 400(हिंदी की श्रेष्ठ कवितायें ,ग़ज़लें ही ग़ज़लें ,नयी सदी के प्रतिनिधि ग़ज़लकार ,ग़ज़ल :दुष्यन्त के बाद ,समकालीन दोहाकोश आदि विविध संग्रहों तथा देशभर की अनेक पत्र -पत्रिकाओं में रचनाओं का विगत दो दशकों से निरंतर प्रकाशन )
प्रकाशित पुस्तकों की संख्या – पांच मौलिक पुस्तकें(नई उड़ान,गीत मेरे सबके लिए,राम की शक्तिपूजा एवम् संशय की एक रात: तुलनात्मक अध्ययन,हिंदी ग़ज़ल का समीक्षात्मक अध्ययन,झरोखा चंद ग़ज़लों का) अनेक संकलनों में सम्मिलित।
लेखन की विधा -कविता ,कहानी ,समीक्षा।

प्रकाशित -हिंदी की श्रेष्ठ कवितायें ,ग़ज़लें ही ग़ज़लें ,नयी सदी के प्रतिनिधि ग़ज़लकार ,ग़ज़ल :दुष्यन्त के बाद ,समकालीन दोहाकोश आदि विविध संग्रहों तथा देशभर की अनेक पत्र -पत्रिकाओं में रचनाओं का विगत दो दशकों से निरंतर प्रकाशन ।

डॉ शशि को मिलने वाले सम्मान

पुरस्कार /सम्मान – जैमिनी अकादमी हरियाणा द्वारा द्वारा आयोजित अखिल भारतीय लघुकथा प्रतियोगिता में द्वितीय पुरस्कार( 2002)अखिल भारतीय अम्बिका प्रसाद दिव्य पुरस्कार म .प्र .(2008)शब्द निष्ठा सम्मान (2017)मध्य प्रदेश पत्र लेखन मंच बैतूल ,साहित्यानंद परिषद गोला -गोकर्णनाथ खीरी ,भारतीय संस्कॄति एवम साहित्य संस्थान इलाहाबाद ,नगरपालिका परिषद खटीमा ,साहित्यिक संस्था काव्यधारा रामपुर ,लायन्स क्लब नैनीताल,बोल्डविन महिला महाविद्यालय बैंगलोर
विश्व हिंदी रचनाकार मंच द्वारा “उत्तराखंड काव्य रत्न”2020,के. बी.न्यास द्वारा “साहित्य विभूषण श्री”प्रमाण पत्र एवं नकद राशि 2020
“द ब्रिटिश वर्ल्ड रिकॉर्ड “
एन . आर.बी.फाउंडेशन एवम् अभव्या इंटरनेशनल द्वारा रेड डायमंड एचीवर अवॉर्ड 2020 आदि से सम्मानित।
शील साहित्य परिषद झारखंड द्वारा वर्ष 2021 के लिए “नारी गौरव” पुरस्कार हेतु चयन रु. 2100/ नकद धनराशि सहित।
वर्ष 2022 में उत्तराखंड राज्य सरकार द्वारा “तीलू रौतेली” स्त्री शक्ति पुरस्कार से सम्मानित।

डॉ शशि की एक कविता ये कामकाजी औरतें..!

ये कामकाजी औरतें..!
छिपा लेती हैं अपनी आधी अधूरी नींद
उनींदी आंखों के पीछे..
दबा देती हैं सारी थकन..
अपने सफर के पैरों तले..
कामकाजी औरतें हैं ये..!
टुकड़ा – टुकड़ा अवसर खोज लेती हैं
व्यस्तताओं की भीड़ से..!
ऐसा नहीं है कि टूटती नहीं है ये..!
टूटती तो हैं..! लेकिन अपनी टूटन को..
भीतर की सारी किरचें समेट कर,
ऑफिस जाने से पहले..
डस्टबिन में डाल जाती हैं..!
और चेहरे पर सजा लेती हैं मद्धिम मुस्कान..!
सचमुच..! कुछ तो है इन कामकाजी महिलाओं
के भीतर..जीवटता के अमृत सा..!
जो हर मौसम में जीवंत रखता है इन्हें..!
अमलतास के पेड़ों सी उपयोगी..!
ये कामकाजी औरतें..!
वक्त की पुकार हैं..!
धूप हैं..तुषार हैं..!
फूल हैं.. कटार हैं..!
जीवन का विस्तार हैं..!
बहती नदी की धार हैं..!

©® डॉ शशि जोशी “शशी “