जिला अधिकारी देहरादून के निर्देश पर ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण और स्वयंसेवी संस्थाओं ने भिक्षावृत्ति में लिप्त महिला एवं बच्चों को रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया

 

दी टॉप टेन न्यूज़ देहरादून

बाल आयोग की अध्यक्षा, डॉक्टर गीता खन्ना ने शहर में हो रही भिक्षावृत्ति का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी देहरादून को आदेश किया कि देहरादून शहर में भिक्षावृत्ति में लिप्त महिलाओं और बच्चों को रेस्क्यू कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जाए।
शहर में भिक्षावृत्ति आए दिन बढ़ती जा रही है जिनमें ज्यादातर महिलाएं और उनके साथ में जो बच्चे होते है सुबह से शाम तक शहर के विभिन्न चौराहों पर भीख मांगते दिखाई देते हैं।
इस प्रकार शहर में जो भिक्षावृत्ति हो रही है इस पर लगाम लगाई जाए।

जिसके बाद जिलाधिकारी ने इस संबंध में जिला विधिक सेवा प्राधिकरणऔर ज़िला प्रोबेशन कार्यालय देहरादून को कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

आज इसी अभियान को लेकर ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला प्रोबेशन कार्यालय विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं और विभागों द्वारा, आईएसबीटी से लेकर रिस्पना पुल तक भिक्षावृत्ति करने वाली महिलाओं और बच्चों को रेस्क्यू किया गया। जिनमे 4 महिलाएँ और 9 बच्चों को रेस्क्यू किया गया जो भीख़ माँगने का काम कर रहे थे,जानकारी में आया की ये महिलाएं और बच्चे उत्तरप्रदेश, बिहार और झारखंड के रहने वाले है। रेस्क्यू किये गए सभी महिलाओं और बच्चों को मेडिकल कराकर सीडब्ल्यूसी के सामने पेश किया गया जिसके पश्चात सभी बच्चो को परिजनों के सुपुर्द किया गया।
इस रेस्क्यू अभियान में ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण से शमीना जिला प्रोबेशन कार्यालय से संपूर्णा भट्ट,समर्पण संस्था से मानसी मिश्रा व गीता ममगाईं, मैक संस्था से जहांगीर आलम, , रश्मि बिष्ट, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट से रायना रावत, देवेंदर, चाइल्डलाइन से जसवीर रावत,विजय बिष्ट, आसरा ट्रस्ट से अमर बहादुर, रवीना,बचपन बचाओ आंदोलन से सुरेश उनियाल आदि मौजूद रहे।