दी टॉप टेन न्यूज़ देहरादून
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ने सत्र 2022-23 की बोर्ड परीक्षाओं का पैटर्न जारी कर दिया गया है.और इस बार बोर्ड ने अपनी परीक्षा प्रणाली में बदलाव कर दिया है।
यहां गौरतलब है की पिछले दो वर्षों से कोरोना के कारण बोर्ड ने छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रम कुछ कम किया था और परीक्षा दो सेमेस्टर में ली थी। लेकिन अब बोर्ड फिर से अपने पुराने पैटर्न पर लौट आया है।
इस बार बोर्ड ने रटने की जगह समझने पर ध्यान देते हुए वैकल्पिक प्रश्नों को 50 प्रतिशत से घटाकर 20 प्रतिशत कर दिया है. इससे उन छात्रों को फायदा होगा जो रटने के बजाय पाठ्यक्रम को समझने पर ज्यादा ध्यान देते है।
बोर्ड ने छात्रों के लिए केस स्टडी और क्षमता जांच आधारित प्रश्नों को दोबारा परीक्षा में शामिल करने का निर्णय लिया है. बता दें कि केस स्टडी पर आधारित सवाल छात्रों की क्षमता का सही आकलन करते हैं. इसके लिए छात्रों को बोर्ड की परीक्षा में अच्छी तैयारी के साथ जाना होता है. बता दें कि सत्र 2021-22 में परीक्षा का आयोजन दो टर्म में किया जा रहा है, जिसे अगले सत्र 2022-23 से समाप्त कर दिया गया है. बोर्ड की तरफ से सत्र 2022-23 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को भी लागू करने की बात कही गई है, जिसका प्रभाव बोर्ड की परीक्षाओं में देखने को मिले सकता है. साथ ही बोर्ड ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के आधार पर ही परीक्षा की तैयारी कराने के निर्देश दिए है।
बोर्ड ने सत्र 2022-23 की परीक्षाओं के प्रश्न पत्र का प्रारूप भी जारी कर दिया है. सभी प्रधानाचार्यों को यह निर्देश दिए गए है कि, छात्रों को परीक्षाओं की तैयारी इसी प्रारूप में करवाई जाए, ताकि वे समय रहते परीक्षा के लिए खुद को तैयार कर सकें. बता दें कि छात्रों की समझ का आंकलन करने के लिए केस स्टडी के सवाल अहम भूमिका अदा करते हैं, क्योंकि छात्र केस स्टडी पर आधारित सवालों को रट कर हल नहीं कर सकते हैं।
सत्र 2022-23 से कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों का मूल्यांकन उनकी समझ व योग्यता आधारित शिक्षा के आधार पर किया जाएगा. अगले सत्र की परीक्षाओं में योग्यता आधारित सवालों की संख्या 10 प्रतिशत बढ़ाई जाएगी. वहीं सत्र 2021-22 में छात्रों से परीक्षा में 50 प्रतिशत वैकल्पिक प्रश्न पूछे गए थे, जिन्हें सत्र 2022-23 के लिए घटाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया है. बता दें की अगले सत्र से कक्षा 9वीं व 11वीं की वार्षिक परीक्षाएं भी इसी प्रश्न पत्र के प्रारूप पर आधारित होंगी. हालांकि, इंटरनल असेसमेंट में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
कक्षा 10वीं और 12वीं के प्रश्न पत्र का प्ररूप
1. योग्यता आधारित प्रश्न – 30 प्रतिशत
2. वैकल्पिक प्रश्न – 20 प्रतिशत
3. लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न – 50 प्रतिशत
कक्षा 9वीं और 11वीं के प्रश्न पत्र का प्ररूप
1. योग्यता आधारित प्रश्न – 40 प्रतिशत
2. वैकल्पिक प्रश्न – 20 प्रतिशत
3. लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न – 40 प्रतिशत
