यूक्रेन में फसे मेडिकल छात्रों के परिजन अपने बच्चो की सुरक्षा को लेकर हो रहे बेहद चिंतित, घर वापसी को मुख्यमंत्री से लगा रहे गुहार

दी टॉप टेन न्यूज़ देहरादून

रूस के यूक्रेन में किए गए हमले के बाद अब जहां यूक्रेन में फंसे भारतीयों को सुरक्षित भारत लाए जाने की मांग उठने लगी है। अगर बात उत्तराखंड की करी जाए तो उत्तराखंड से भी सैकड़ों की संख्या में मेडिकल स्टूडेंट इस वक्त यूक्रेन में युद्ध के हालातों में फंसे हुए हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की विधानसभा खटीमा से भी पांच मेडिकल स्टूडेंट है जो कि यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं युद्ध के हालातों में भारत आने की बाट जो रहे हैं। खटीमा में रह रहे यूक्रेन में फंसे मेडिकल स्टूडेंट के परिजन जहां अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं।वही वह केंद्र व राज्य सरकार से अपने बच्चो को जल्द से जल्द उत्तराखंड लाए जाने की गुहार लगा रहे है।

खटीमा के चकरपुर निवासी मेडिकल स्टूडेंट तुषार सिंह वर्ष 2020 में यूक्रेन एमबीबीएस करने गए थे। वह अभी यूक्रेन के युवाना में फ्रेकविस्क नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में थर्ड सेमेस्टर के स्टूडेंट है। यूक्रेन में युद्ध के हालातो में तुसार के पिता भगवान सिंह व उनकी माता अपने बेटे की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित है और वह केंद्र व राज्य सरकार से जल्द उनके बच्चे को यूक्रेन से सुरक्षित लाए जाने की गुहार लगा रहे है।

रूस द्वारा यूक्रेन के ऊपर किए गए हमले के बाद यूक्रेन में अशांति व दहशत का माहौल है और यूक्रेन में रह कर पढ़ाई कर रहे उत्तराखंड के बच्चो के परिजन अपने बच्चो की सुरक्षा को लेकर भी बेहद चिंतित है। बहरहाल यूक्रेन में खटीमा के चकरपुर निवासी मेडिकल स्टूडेंट तुषार के अलावा अकुर वर्मा,भजन सिंह,ऋषभ लोहिया, व मिताली बिष्ट युद्ध के हालातो में फंसे हुए है।वही इन मेडिकल स्टूडेंट के परिजन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री व खटीमा के विधायक पुष्कर धामी व देश की केंद्र सरकार से सभी बच्चो को जल्द उत्तराखंड लाए जाने की गुहार लगा रहे है।अब देखना होगा कि केंद्र व राज्य सरकार कब तक इन बच्चो को वापस यूक्रेन से भारत लाने में सफल हो पाती है।