लालढाग चिलर खाल मार्ग की वर्षों पुरानी मांग को लेकर प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री धामी को उपजिलाधिकारी के माध्यम से दिया ज्ञापन
दी टॉप टेन न्यूज़ /देहरादून
रिपोर्टर मनोज नौडियाल
कोटद्वार नगर निगम में लालढाग चिलर खाल मार्ग की वर्षों पुरानी मांग को लेकर आज कोटद्वार के कई सामाजिक संगठनों ने रेली निकाली,रैली में कोटद्वार की जनता ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया, लालढांग चिलर खाल सडक की मांग का ज्ञापन उपजिलाधिकारी कोटद्वार के माध्यम से प्रधानमंत्री और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री जी को दिया गया,
बताते चले कि लालढांग चिलर खाल सडक की मांग एक ऐसी मांग है जो कि चुनाव में हर प्रतिनिधि के मनोफेस्टो पर सबसे पहले नंबर पर रहता है और ज्यादातर इस मांग को पूरा करने की शपथ ली गयी है लेकिन पिछले पचास सालों से ये लालढांग चिलर खाल सडक ज्यों की त्यों हालत में पड़ी हुंई है, पिछले 50 सालों से विकास के नाम सिर्फ इस मुद्दे पर राजनीती होती नज़र आयी और किसी न किसी कारणों से ये अधूरी रही, समय समय पर चुनाव के वक़्त कई बार इस सडक के लिए घोषणाएं होती आयी हैं।
क्यों जरूरी हैं ये सडक
इस मोटर मार्ग के अब तक न बनने से उत्तराखंड के लोगों को नजीबाबाद उत्तर प्रदेश होते हुए लंबी दूरी तय कर देहरादून जाना पड़ रहा है। लगभग सन 1965 से यह सड़क अस्तित्व में है और इस मोटर मार्ग पर तब से ही यात्री वाहनों का संचालन होता आया है।
यह सड़क बरसात के मौसम के दौरान बंद हो जाती है, इस कारण कोटद्वार व पहाड़ी क्षेत्रों से देहरादून जाने वाले यात्रियों को यूपी के नजीबाबाद से होकर जाना पड़ता है। वहीं जब भी चुनाव का समय आता है तब राजनैतिक दलों की ओर से इस सड़क को मुख्य मुद्दा बनाकर जनता से वोट मांगे जाते हैं, लेकिन सड़क अभी भी वन कानूनों के पेंच में फंसी हुई है और कोई भी राजनैतिक दल इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। कहा कि व्यापक जनहित को देखते हुए इस सड़क का निर्माण शीघ्र करवाया जाना चाहिए।
आज क्यों पड़ी रेली करने की जरूरत
वैसे तो समय समय पर बिभिन्न संगठनों के द्वारा रैली धरना प्रदर्शन किया जाता रहा हैं और राजनीती होती आ रही है लेकिन आज जब कोटद्वार का एक आम नागरिक प्रवीण थापा ने इस लालढांग चिलर खाल मार्ग बनाने को लेकर दिल्ली पैदल यात्रा की और दिल्ली में सडक परिवहन मंत्री नितिन गड़करी जी से मिलकर लालढांग सड़क को लेकर अपनी बात रखने को संघर्षरत हैं, आज सोशल मीडिया और कई चैनलों के माध्यम से प्रवीण थापा कोअपनी बात रखने का मंच मिला तो उनके संघर्ष को जनता ने समर्थन देने को लेकर इस रेली का आयोजन किया और वहीं निकट चुनाव 2027 में सडक नहीं वोट नहीं का आह्वान किया
