दी टॉप टेन न्यूज़ देहरादून
अल्मोड़ा-प्रोफेसर सोनू द्विवेदी शिवानी वर्ष 2014 से चित्रकला विषय में कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल से शोध शीर्षक : कुमाऊ क्षेत्र की कला पर सम्प्रदायवाद के व्यापक प्रभाव का एक विश्लेषणात्मक अध्ययन (शैव और शाक्त सम्प्रदाय के विशेष संदर्भ में) पर शोध कार्य कर रही थी जो कि 2020 मे पूर्ण कर प्रस्तुत किया गया जिस पर विषय विशेषज्ञों के गहन दीर्घकालिक अवलोकन, परीक्षण और सकारात्मक मूल्यांकन पश्चात उन्हें भारतीय कला जगत के उत्थान हेतु प्रस्तुत उत्कृष्ट बहुमूल्य सफल शोध कार्य हेतु उच्च शिक्षा क्षेत्र की सर्वोच्च उपाधि *विद्या भूषण (डी.लिट ) कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल द्वारा प्रदान कर सम्मानित किया गया है।
शिक्षा क्षेत्र मे विद्या भूषण (डी.लिट ) की उच्चतम उपाधि प्राप्त करने के लिए प्रोफेसर एन. के. जोशी कुलपति कुमाऊ विश्वविद्यालय नैनीताल ने शुभकामनाएं प्रेषित की और कहा कि जहां आज प्रोफेसर बनने के पश्चात अनेकों शिक्षक इस तरह के व्यापक स्तर पर शोध कार्य में रूचि नहीं दिखाते वहां प्रोफेसर सोनू द्विवेदी द्वारा कठिन परिश्रम और पूर्ण निष्ठा के साथ प्रस्तुत किया गया यह शोध कार्य कला विषय के लिए महत्वपूर्ण और युवा वर्ग के लिए प्रेरणा स्रोत सिद्ध होगा मैं कुमाऊ विश्वविद्यालय परिवार की ओर से इनके इस साहसिक शोध को सफलता से पूर्ण कर उच्च शिक्षा जगत की इस सर्वोच्च उपाधि को प्राप्त करने के लिए हृदय से बधाई देता हूं और आशा करता हूं कि यह भविष्य में भी कला जगत हेतु शोध कार्य करती रहेंगी।
प्रोफेसर एन.एस. भंडारी कुलपति सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोडा ने बधाई देते हुए कहा कि प्रोफेसर द्विवेदी की यह उपलब्धि सोबन जीना विश्वविद्यालय के लिए गौरव की बात है।
प्रोफेसर प्रवीण सिंह बिष्ट परिसर प्रशासन, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय ने इन्हें बधाई और शुभकामनायें दी है साथ ही प्रोफेसर ललित मोहन (निदेशक शोध एवं प्रसार अनुभाग कु वि वि) प्रोफेसर आर.के.पांडे (पूर्व कला संकायाध्यक्ष कु वि वि ) प्रोफेसर इन्दु पाठक (कला संकायाध्यक्ष कु वि वि) डाक्टर दिनेश चंद्रा (कुलसचिव कु. वि. वि.) प्रोफेसर जगत् सिंह बिष्ट (निदेशक शोध एवं प्रसार अनुभाग तथा संकायाध्यक्ष कला संकाय सो सिं जी वि वि ) प्रोफेसर शेखर चंद्र जोशी (आधिष्ठाता शैक्षिक सो सिं जी वि वि), प्रोफेसर जे.एस. बिष्ट (संकायाध्यक्ष विधि संकाय एवं विभागाध्यक्ष विधि विभाग सो सिं जी वि वि) प्रोफेसर इला साह (अधिष्ठाता छात्रकल्याण सो सिं जी वि वि) ने इनके परिश्रम और निष्ठा की सराहना तथा हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की।
बता दे कि प्रोफेसर सोनू द्विवेदी शिवानी वर्तमान मे संकायाध्यक्ष दृश्यकला संकाय एवं अध्यक्ष चित्रकला विभाग तथा समन्वयक ‘फाईन आर्ट’ सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा के पद पर रहकर कला विषय के उत्थान एवं विस्तार हेतु उल्लेखनीय कार्य कर रही है यह एक सफल चित्रकार एवं गम्भीर लेखिका है जिनकी भारतीय सौन्दर्य (कुमाऊं की दृश्यकला के विशेष संदर्भ में) गम्भीर चिंतन युक्त तथ्य परक पुस्तक उत्तराखंड संस्कृति विभाग द्वारा वर्ष 2019 मे प्रकाशित है इसके साथ ही अब तक कला विषयों के विभिन्न पक्ष पर दस पुस्तकें एवं स्वरचित काव्य संग्रह प्रकाशित हो चुके है जो कि कला विषय के युवाओ के लिए राष्ट्र स्तर पर महत्वपूर्ण सिद्ध हो रहे है
देवभूमि अल्मोड़ा के प्रति आत्मिक श्रद्धाभाव से युक्त प्रोफेसर सोनू शिवानी पिछले पन्द्रह वर्षो से निरंतर उत्तराखंड विशेषकर कुमाऊं क्षेत्र की गौरवशाली प्राचीन कला -संस्कृति के विविध अनछुए पहलुओं पर निरंतर लेखन कार्य करती है एवं उत्ततराखंड सहित देश के विभिन्न प्रांतो के युवा कलाकारों को इस क्षेत्र की प्राचीन गौरवशाली समृद्ध कला -संस्कृति के विभिन्न पक्ष पर उत्कृष्ट शोधकार्य करा रही है तथा इन विषयो पर चित्र निर्माण की दिशा मे प्रेरित कर रही है।
इनके लिखे उल्लेखनीय शोधालेख क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और अन्र्तराष्ट्रीय पत्रिकाओं मे निरंतर प्रकाशित हो रहे है
डा. संजीव आर्य , कौशल कुमार , चंदन आर्य , रमेश मौर्य, सन्तोष सिंह मेर , पूरन मेहता, विनीत बिष्ट, जीवन चंद्र जोशी, योगेश डसीला सहित चित्रकला विषय के समस्त शोध छात्र -छात्राओं ने इनको इस उपलब्धि हेतु हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी है।
प्रोफेसर सोनू द्विवेदी शिवानी का कहना है कि वह देवों की इस पावन भूमि कुमाऊं क्षेत्र की कला-संस्कृति तथा यहां के युवा कलाकारों के विकास हेतु सदैव प्रयासरत् और प्रतिबद्ध है ।

