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पर्वतारोही कुशल प्रशिक्षक सविता कंसवाल की निम हादसे में मौत,विनम्र श्रद्धांजलि

 

दी टॉप टेन न्यूज़ देहरादून

उत्तरकाशी-उत्तरकाशी के लोंथरु गांव की निवासी पर्वतारोही सविता कंसवाल की निम हादसे में मौत हो गई है।उनकी मौत की खबर से बुजुर्ग पिता राधेश्याम कंसवाल और माता कमलेश्वरी देवी जहां सदमे में है वहीं पूरे गांव में शोक की लहर है।

सविता ने इसी साल मई माह में 15 दिन के अंदर एवरेस्ट और माउंट मकालू पर्वत सफल आरोहण कर नेशनल रिकॉर्ड अपने नाम किया था। मंगलवार सुबह द्रौपदी का डांडा चोटी में निम के एडवांस माउंटेनियरिंग कोर्स में गए प्रशिक्षकों में शामिल पर्वतारोही सविता की एवलांस में दबने से मौत हो गई।

सविता नेहरू पर्वतारोहण संस्थान की एक कुशल प्रशिक्षक थीं. इसी साल 12 मई को सविता ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (8848 मीटर) पर तिरंगा फहराया था. इसके 15 दिन बाद सविता ने माउंट मकालू (8463 मीटर) पर भी सफल आरोहण किया था. उनकी सफलता से उसके क्षेत्र और जनपदभर में खुशी की लहर थी. वहीं मंगलवार देर शाम सविता की मौत की खबर आने के बाद उसके गांव सहित जनपदभर में शोक की लहर फैल गई है।

निम से किया था पर्वतारोहण का कोर्स

 सरकारी स्कूल से पढ़ी सविता ने वर्ष 2013 में नेहरू पर्वतारोहण संस्थान उत्तरकाशी से पर्वतारोहण का बेसिक कोर्स और फिर एडवांस व सर्च एंड रेस्क्यू कोर्स के साथ पर्वतारोहण प्रशिक्षक का कोर्स भी किया. कोर्स की फीस जुटाने के लिए सविता ने देहरादून की एक कंपनी में भी नौकरी की. वर्ष 2018 से सविता निम में बतौर प्रशिक्षक तैनात

मंगलवार देर शाम निम के प्रधानाचार्य अमित बिष्ट ने हादसे में एवरेस्ट विजेता सविता कंसवाल की मौत की पुष्टि की। सविता उत्तरकाशी जनपद की एक उभरती हुई पर्वतारोही थी। जिसने बेहद कम समय में पर्वतारोहण के क्षेत्र में अपना नाम बनाया था। सविता ने नेहरु पर्वतारोहण संस्थान से एडवांस और सर्च एंड रेस्क्यू कोर्स के साथ पर्वतारोहण प्रशिक्षक का कोर्स किया था। 

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