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गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब में गुरु पर्व में निकला भव्य नगर कीर्तन

तीसरी उदासी में नानकमत्ता पहुँचे थे गुरु नानक देव जी

550 वें प्रकाश पर्व की समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं (डी एस मान)

दीपक फुलेरा-
दी टॉप टेन न्यूज़(नानकमत्ता)-
देवभूमि उत्तराखंड अपने अद्धितीय सौंदर्य के अलावा प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए भी जाना जाता है।जिनमें सिख धर्म का सुप्रसिद्ध नानकमत्ता गुरुद्वारा साहिब अपना अलग ही स्थान रखता है।गुरुनानकदेव जी के 550 वें प्रकाश पर्व पर श्री गुरुद्वारा नानकमत्ता साहिब में भी भव्य तरीके से मनाया गया। इस अवसर पर नानकमत्ता नगर में भव्य नगर कीर्तन का आयोजन किया गया। जिसमें सैकड़ो की संख्या में जनमानस ने प्रतिभाग किया।वही नानकमत्ता गुरुद्वारा जंहा इस अवसर पर खूबसूरती के साथ सजाया गया है तो खटीमा विधायक पुष्कर धामी भी इस अवसर पर नगर कीर्तन में प्रतिभाग करने नानकमत्ता पहुँचे। 
वही गुरुनानक देव जी के 550 वें प्रकाश पर्व के अवसर पर नानकमत्ता गुरुद्वारा साहिब में भी विभिन्न कार्यक्रमो का आयोजन किया जा रहा है।जिसमे 13 नवम्बर को उत्तराखण्ड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य भी प्रकाश पर्व पर आयोजित कार्यक्रम पर नानकमत्ता गुरुद्वारे पहुचेंगी।

उत्तराखण्ड में सिखों के पवित्र धर्म स्थल के रूप में गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब लाखो लोगो की धार्मिक आस्था का केंद्र है। उधम सिंह नगर जिले के नानकमत्ता उपतहसील क्षेत्र में स्थित गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब देश से लेकर विदेश तक लाखो लोगो की सेकड़ो सालो से धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है। अगर नानकमत्ता साहिब गुरुद्वारे के इतिहास की बात करे सिक्खों के प्रथम गुरु श्री गुरुनानक देव जी 520 साल पहले अपनी तीसरी उदासी के समय हिमालय यात्रा पर नानकमत्ता पहुँचे थे। उस समय यह स्थान गौरखमत्ता के रूप में जाना जाता था।
 क्योंकि इस स्थान पर उस दौर में सिद्धों का प्रमुख वास था। उस समय गुरु नानक देव जी ने इस स्थान पर मौजूद पीपल के पेड़ के नीचे अपना आसन जमाया था। गुरु नानक देव जी के पेड़ के नीचे आसन जमाते ही उनके चमत्कार से सूखा पीपल का पेड़ हरा भरा हो गया।गुरु नानक देव जी के चमत्कार को देख वहाँ मौजूद सिद्धों ने ईर्ष्या वस उस पेड़ को अपनी शक्ति से हवा में उड़ाना चाहा लेकिन गुरु नानक देव जी ने पेड़ को वही पर रुकने का आदेश दिया।आज भी उस चमत्कारी पीपल की पेड़ की जड़े जमीन से ऊपर है। यह पेड़ हरा भरा लगभग सवा पांच सौ साल से खड़ा गुरु नानक देव जी के चमत्कार को दिखा रहा है। तभी से यह स्थान लाखो लोगो की आस्था का केंद्र बना हुआ है।

वहीं नानकमत्ता गुरुवार में दूधवाला कुंवा,बावली गंगा जी, भंडारा साहिब,नानक सागर सहित कई दर्शनीय व ऐतिहासिक स्थल है। जिन्हें देखने लाखो श्रद्धालु हर वर्ष नानकमत्ता पहुँचते है।वही गुरुनानक देव जी के 550 वे प्रकाश पर्व पर इस ऐतिहासिक धर्म स्तल की छटा देखते ही बन रही है। जिस पर गुरु नानक जी का प्रकाश पर्व मनाने सेकड़ो श्रद्धालु उधम सिंह नगर के नानकमत्ता स्थित गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब में  अपना मत्था टेकने पहुँच रहे है।

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