
लगभग 24 सौ नेपालियों को भारतीय प्रशासन ने भेजा पहले दिन नेपाल
दी टॉप टैन न्यूज़(बनबसा)- कोरोना संक्रमन के चलते हुए लॉक डॉउन को दो माह से भी अधिक का वक्त बीत चुका है।बनबसा नेपाल बॉर्डर पर सेकड़ो नेपाली नागरिक देश के विभिन्न हिस्सों से आकर पिछले लंबे समय से फंसे हुए थे। लेकिन नेपाल द्वारा अंतराष्ट्रीय सीमा अपने देश के नागरिकों के लिए भी सील किये जाने के चलते नेपाल की जनता अपने देश को वापसी नही कर पा रही थी। बनबसा बॉर्डर में फंसे हजारों नेपाली नागरिकों के रहने खाने की व्यवस्था लगातार चम्पावत जिला प्रशासन कर रहा था। लंबे समय बाद आखिरकार आज बनबसा नेपाल बॉर्डर कि सीमा को नेपाल प्रशासन ने अपने देश के नागरिकों की वतन वापसी को खोल दिया है।
दोनों देशों के डीएम,एसपी व विभिन्न सीमान्त अधिकारियों की मौजूदगी में आज लगभग 24 सौ से भी ज्यादा नेपाली नागरिक आज बनबसा बॉर्डर से अपने देश नेपाल को गए। सभी नेपाली नागरिक जो कि लंबे समय से बनबसा बॉर्डर पर फंसे थे।उन्हें चम्पावत जिला प्रशासन ने नेपाल प्रशासन से वार्ता कर आज सौंप दिया।आखिरकार नेपाल के नागरिकों जो कि कोरोना संक्रमण के चलते अपने देश नेपाल वापस जाने को तरस रहे थे अपने वतन नेपाल को चले गए।

नेपाली नागरिकों ने अपने देश वापस पहुँचने पर जंहा इस दौरान खुसी का इजहार किया।वही भारतीय प्रशासन का भी शुक्रिया अदा किया।साथ ही भारत मे क्वारन टाइन रहने व खाने पीने की व्यवस्था पर भी संतोस जताया।हजारों की संख्या में आज नेपाली नागरिकों के नेपाल वापस जाने से आखिरकार भारतीय सीमान्त प्रशासन ने भी राहत की सांस ली।

वही चम्पावत जिले के डीएम एस एन पांडे ने कहा कि लॉक डॉउन के दौरान उत्तराखण्ड व विभिन्न प्रदेशों से आये जिन नेपाली नागरिकों को राहत शिविरों में रखा गया था उन्हें आज नेपाली प्रशासन से वार्ता कर उनके सपुर्द किया गया है। आज लगभग 24 सौ नेपाली नागरिक बनबसा बॉर्डर से नेपाल गए है। वही नेपाली प्रशासन का यह भी कहना है कि आगे जो भी नेपाली नागरिक उत्तराखण्ड या अन्य प्रदेशों से बनबसा बॉर्डर के रस्ते नेपाल आना चाहता है उन्हें रोजाना सुबह 6 बजे से 10 बजे तक नेपाल में प्रवेश दिया जाएगा।

