दी टॉप टेन न्यूज़/ देहरादून
आयुध निर्माणी मेंढक तेलंगाना में 17 और 18 तारीख को अराजपत्रित अधिकारियो का द्विवर्षीय राष्ट्रीय अधिवेशन का शुभारंभ, निर्माणी के मुख्य अथिति वरिष्ठ महाप्रबंधक एस एस प्रसाद के द्वारा दीप प्रज्जवलित करके किया गया। वहीं अधिवेशन में राष्ट्रीय कार्यकारणी का चुनाव भी हुआ, जिसमें संरक्षक सुरेश सचान कानपुर से, राष्ट्रीय अध्यक्ष एल जयवर्धन रेड्डी ,राष्ट्रीय महासचिव अजय और कोलकाता से संजीब मंडल को अपर सचिव चुना गया।
उत्तर क्षेत्रीय परिषद में संरक्षक उमाशंकर शर्मा, अध्यक्ष गिरीश चंद्र उप्रेती, और सदस्य के लिए विजय नेगी और फिरोज खान को चुना गया।
उत्तर क्षेत्रीय परिषद के अध्यक्ष गिरीश चंद्र उप्रेती ने बताया कि सन1801 में बनी पहली निर्माणी के बाद आज देश में 41 निर्माणिया हैं उनका कारपोरेट जगत में विलय कर दिया गया विलय करने के बाद सात मुख्यालय बनाए ,कोन मुख्यालय किसके लिए काम कर रहा है और किस मुख्यालय को किसके लिए काम करना चाहिए यह आज भी अधर में है देहरादून में जो निर्माणिया है उनका काम T-56 T- 72 और T-90 टैंक के लिये डेवीजन ,नाइट विजन की डिवाइस देने का है। यहां पर दिन प्रतिदिन वर्कलोड बढ़ता जा रहा है और श्रमिकों की संख्या कम होती जा रही है इस तरफ किसी का ध्यान नहीं है यह बहुत सारी बातें हैं जो राष्ट्रीय अधिवेशन में उठाई गई और इनका निदान करने की बात कही गई,अधिवेशन में प्रसार भारती मॉडल दिए जाने के संबंध में, पूर्व पे कमिशन की विसंगतियां दूर करना, पर्यवेक्षक को 4600 का ग्रेड पे देना, एमसीएम को अति शीघ्र सीएम बनाना आदि बिंदूओ पर चर्चा के साथ ही दोनों निर्माणियों चंडीगढ़ और आयुध निर्माणी देहरादून की तरह ही ऑप्टो इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्ट्री के कर्मचारियों को भी एच आर ए की गणना सहित ओ टी ऐरियर का पैसा दिया जाए, निर्माणी इंटर कॉलेज को चालू किया जाए ,आयुध निर्माणी की डिस्पेंसरी में डॉक्टरों का अभाव को कम किया जाने पर भी चर्चा की गई।
आज निर्माणियों में कार्यरत अधिकारी डेपुटेशन में या स्वैक्षिक सेवानिवृत लेकर कॉर्पोरेट ज्वाइन कर रहे है। कर्मचारियों का लगातार अधिक संख्या में सेवानिवृत्ति होने के कारण और नई भर्तीयो के न होने के कारण,वर्तमान कर्मचारियो वर्क लोड बढ रहा है,जिसके कारण कर्मचारी परेशान है।
31 दिसंबर 2025 में, डेपुटेशन का समय भी खत्म हो रहा है, उससे पहले ऑप्शन फॉर्म भरे जाएंगे। हमारे संगठन की मांग है कि हमें प्रसार भारती मॉडल चाहिए जो कर्मचारी सरकारी सेवा में भर्ती हुआ वह सरकारी सेवा से ही सेवानिवृत्त हो ऐसी संगठन की मांग है ।पेंशन नीति को तीन भाग में बांट दिया गया पुरानी पेंशन पुरानी पेंशन ही सभी कर्मचारियों की मांग है एनपीएस, यूपीएस हमें नहीं चाहिए। हमें पुरानी पेंशन पर ही रहना है इस बात को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर पुनः एक आंदोलन चलाया जाएगा । इसके साथ ही संविदा कर्मचारियों से काम करना और उन्हें डरा धमका के उनका शोषण करना यह काम बहुत जोर शोर से चल रहा है ।
आज आयुद्ध निर्माणियों की बात सुनने वाला कोई नहीं है हमारे राष्ट्रीय सचिव अजय जी बार-बार रक्षा-सचिव,रक्षा- मंत्री और रक्षा उत्पादन सचिव से वार्ता करने के बावजूद सरकार के कान पर जूं नहीं रेक रही है ।अफसर शाही दिन प्रतिदिन हावी हो रही है अब तो न्यायालय का सहारा है ।
