*अल्मोड़ा:-* पिछले छ महीनों से अल्मोड़ा विकासखंड हवालबाग के नैनोली गांव में दहशत का पर्याय बन चुका गुलदार के आतंक का आखिरकार खात्मा हो गया है।मशहूर शिकारी लखपत सिंह ने हमलावर व हिंसक हो चुके गुलदार को मौत की नींद सुला दिया है।
विदित हो कि अल्मोड़ा के नैनोली गांव में अप्रेल माह से एक गुलदार ने लोगो पर हमला कर दहशत का माहौल पैदा किया था। गुलदार के ग्रामीणों के लगातार हमले से गांव के ही 9 लोग घायल हो चुके थे। गुलदार के हमलों से परेशान ग्रामीणों ने प्रशासन व वन विभाग से गुलदार की दहशत से निजात दिखाने की गुहार लगाई थी। लेकिन गुलदार वन विभाग की पकड़ में नही आ पा रहा है। जिससे आक्रोशित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से लगातार ग्रामीणों के गुलदार के हमलों में घायल होने व लोगो की जान के खतरे को देखते हुए गुलदार को मारने की मांग की थी। जिस पर वन विभाग ने आखिरकार हवालबाग विकास खण्ड में आतंक का पर्याय बन चुके गुलदार को मारने की जिम्मेदारी मशहूर शिकारी लखपत सिंह को दी थी। शिकारी लखपत सिंह ने आखिरकार वन विभाग की टीम के साथ मिल कर हिंसक व हमलावर हो चुके गुलदार को अपने बंदूक के अचूक निशाने से आखिरकार ढेर कर दिया।गुलदार को मारने में शिकारी लखपत सिंह को 11 दिन का समय लगा। दो दिन पहले हो हमलावर गुलदार को शिकारी लखपत सिंह की टीम ने ट्रेस कर लिया था। जिसके बाद आज हमलावर हो चुके गुलदार को आखिरकार शिकारी लखपत सिंह ने मौत के घाट सुला दिया। हिंसक हो चुके गुलदार के खात्मे के साथ ही अल्मोड़ा के नैनोली गांव के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। गौरतलब है कि जंगल से लगे पहाड़ी इलाको में अक्सर गुलदार हमलावर हो ग्रामीणों को अपना शिकार बना डालते है। जिससे कई लोगो गुलदार के हमलों में अपनी जान गंवानी पड़ती।फिलहाल अल्मोड़ा में गुलदार को ढेर कर वन विभाग ने ग्रामीणों को राहत देने का काम किया है।

