

राज्य के विभिन्न विभागों में सलाहकारों के पदों को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए


दी टॉप टेन न्यूज़ देहरादून
कार्तिकेय कांडपाल
देश और प्रदेश में वर्तमान समय में चल रही वैश्विक महामारी से उत्पन्न स्थिति के फल स्वरुप राज्य सरकार द्वारा राज्य की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर हो जाने का हवाला देते हुए कार्मिक वर्ग के वेतन भत्तों इत्यादि में जो कटौती अथवा रोक लगाई जा रही है, उसके विपरीत राज्य में विभिन्न विभागों आदि में सेवानिवृत्ति के उपरांत सलाहकारों की एक लंबी फौज रखी गई है तथा वर्तमान समय में भी कुछ ऐसे महानुभावों को सेवानिवृत्ति उपरांत पुनः संबंधित विभागों में सलाहकार के रूप में रखा जाना विचारणीय किया जा रहा है, जो कि राज्य के हित में उचित नहीं है।
वर्तमान परिस्थितियों के संबंध में सरकार से मांग/अनुरोध है कि सलाहकारों की पुरानी फौज को तत्काल राज्य हित में हटाया जाए, साथ ही विभिन्न विभागो मे सलाहकारों की नियुक्ति का यदि कोई प्रस्ताव किसी विभाग द्वारा प्रस्तुत किया गया हो तो राज्य सरकार एवं वित्त विभाग द्वारा इसका तत्काल संज्ञान लेते हुए ऐसी समस्त नियुक्तियों को रद्द करने का निर्णय लिया जाना चाहिए।
राज्य हित से बड़ा कुछ नहीं हो सकता है, वर्तमान समय में राज्य ऐसी स्थिति में नहीं है कि जहां एक तरफ राज्य सरकार सेवारत अधिकारियों/कर्मचारियों को वेतन देने में असमर्थ हो रही हो, वहीं दूसरी ओर सेवानिवृत्ति उपरांत रखे गए अथवा रखे जाने वाले ऐसे महानुभावो का खर्चा वहन कर सके। उत्तराखंड सचिवालय संघ एवं राज्य के एक बड़े संगठन उत्तराखंड जनरल ओबीसी एंप्लाइज एसोसिएशन की तरफ से मांग की जाती है कि सरकार ऐसे खर्चों पर अंकुश लगाते हुए पूर्व में रखे गए ऐसे तमाम सलाहकारों की जल्द से जल्द छुट्टी करें तथा अब किसी प्रकार के सलाहकार की नियुक्ति किसी भी दशा में न करें।





